छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में पार्षद और उनके बेटे पर हमला हुआ है। सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे का विरोध करने गए पार्षद मथुरा चंद्रा और उनके बेटे राजेश चंद्रा को आरोपियों ने मारने के लिए दौड़ाया और गाड़ी में पत्थर फेंककर तोड़फोड़ की। मामला कोतवाली थाना क्षेत्र का है। 22 मई शुक्रवार को पार्षद मथुरा चंद्रा नियमित निरीक्षण के लिए गेवराघाट पहुंची थी। उन्होंने देखा कि शुभम साहू सरकारी जमीन पर कब्जा कर निर्माण कार्य कर रहा है। विरोध करने पर वह भड़क गया और जान से मारने की धमकी दी। शुभम साहू का कहना है कि पूर्व पार्षद के समय से वे इस जमीन में काबिज है। कुछ समय के लिए वह बाहर गया था। अभी यहां बाउंड्री बनाने काम शुरू किया तो पार्षद का बेटा विरोध कर रहा है। हमला करने में परिवार वाले भी शामिल शुभम साहू के खिलाफ थाने में मामला दर्ज कर लिया गया है। पार्षद ने बताया कि ने उसे और उसके बेटे को तुलसी नगर के सामुदायिक भवन में बुलाया। वहां शुभम साहू और उसका परिवार पहले से बैठा हुआ था। शुभम,उसकी मां और नानी ने मिलकर उन पर हमला कर दिया। जान बचाकर थाने पहुंचे दोनों बता दें कि मथुरा चंद्रा कोरबा नगर निगम के वार्ड क्रमांक 3 के पार्षद है। घटना के बाद दोनों ने किसी तरह वहां से भागकर थाने पहुंचे। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पार्षद मथुरा चंद्रा का कहना है कि यह हमला जनप्रतिनिधि के कार्यों में बाधा डालने की कोशिश है। जमीन में कब्जे की जांच में जुटी पुलिस स्थानीय लोग और पार्षद के समर्थकों ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। पुलिस शुभम साहू और उसके परिवार के आपराधिक रिकॉर्ड और जमीन कब्जे से जुड़ी शिकायतों की जांच कर रही है।


