छत्तीसगढ़ के धमतरी में डुबान संघर्ष समिति और बेरोजगार संघ का पांच दिवसीय धरना खत्म हो गया है। महापौर के आश्वासन के बाद समिति ने अनिश्चितकालीन हड़ताल को स्थगित करने का निर्णय लिया।प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग जिले के पांच बांधों में स्थानीय बेरोजगारों को रोजगार देने की थी। भाजपा प्रदेश महामंत्री ने मंच पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों से धरना समाप्त करने का आग्रह किया। महापौर ने आश्वासन दिया कि समिति की जल संसाधन मंत्री से मुलाकात कराई जाएगी। इस आश्वासन के बाद बेरोजगार संघ ने विचार-विमर्श कर धरना समाप्त करने की घोषणा की। 5 दिन तक रोजगार संघ ने प्रदर्शन किया दरअसल धमतरी जिले के गांधी मैदान में दुकान संघर्ष समिति युवक युवती बेरोजगार संघ ने एक सूत्री मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरना दिया था। लगातार 5 दिन तक रोजगार संघ ने प्रदर्शन किया। कई तरीकों से शासन प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। शुक्रवार को भाजपा प्रदेश महामंत्री रामू रोहरा ने डुबान संघर्ष समिति युवक युवती बेरोजगार संघ के मंच पर पहुंच गए। यहां पर रामू रोहरा ने आश्वासन देते हुए जल संसाधन मंत्री से बातचीत करने के बाद मुख्यमंत्री के पास मांग को पहुंचाने की बात कही। जिसके बाद मुख्य मांगों पर बात होगी। इन बांधों में रोजगार देने की मांग बता दें कि, पांच बांधों में से सोंढूर, दुधावा, मुरुमसिल्ली, गंगरेल बांध और न्यू बैराज रुद्री बांध में श्रमिक से लेकर समय पाल, इलेक्ट्रीशियन, पंप ऑपरेटर, गेट ऑपरेटर, टेलर कारपेंटर, क्रेन ऑपरेटर, गेट चपरासी, बाबू समेत कई रिक्त पदों रोजगार देने की मांग की जा रही थी। जिसमें पांच बांधों में डुबाम के स्थानीय को रोजगार देने के लिए अनिश्चितकालीन किया जा रहा था। भाजपा प्रदेश महामंत्री महापौर रामू रोहरा ने ने बताया कि, दुकान से प्रभावित लोगों को रोजगार देने की मांग थी। जिनसे बातचीत की गई। धरने में बैठे डुबान संघर्ष समिति को आश्वासन देते हुए आग्रह किया है कि जल संसाधन मंत्री केदार कश्यप से बातचीत कर एक निर्णय निकल जाएगा। एक रास्ता निकाला जाएगा। डुबान संघर्ष समिति के अध्यक्ष कुंवर सिंह ध्रुव ने बताया कि, समिति के सदस्य मंत्री केदार कश्यप के पास अपनी मांग को रखेंगे। धमतरी जिले में पांच बांध हैं, जिसमें पद रिक्त हैं। चतुर्थ वर्ग के पद पर डुबान क्षेत्र के स्थानीय बेरोजगारों को रोजगार देने की मांग है। डुबान संघर्ष समिति बेरोजगार संघ में करीब 423 बेरोजगार है। जो की सभी स्थानीय है। पांच बांधों में करीब एक हजार पद खाली हैं।


