स्कूल में सिंगल यूज प्लास्टिक नहीं आएगा:दो सौ मीटर दायरे को “प्लास्टिक फ्री जोन” जोन बनाने की कोशिश, नहीं बिकेंगे चिप्स, कुरकुरे

शिक्षा विभाग ने स्कूलों में सिंगल यूज प्लास्टिक में पैकिंग का सामान बेचने पर रोक लगा दी है। इतना ही नहीं स्कूल के आसपास करीब दो सौ मीटर के दायरे को सिंगल यूज प्लास्टिक से फ्री जोन करवाने का भी प्रयास किया जाएगा। इस संबंध में प्रारम्भिक शिक्षा निदेशक सीताराम जाट ने आदेश जारी किया है। राज्य के कई सरकारी और प्राइवेट स्कूल के अंदर ही अधिकृत और अनाधिकृत तौर पर कैंटीन संचालित होती है। इन कैंटीन में चिप्स, कुरकुरे, बिस्कुट, टॉफी, भुजिया पैकेट इत्यादि मिलते हैं। लंच नहीं लाने वाले स्टूडेंट्स के लिए यहां हर रोज बिक्री होती है। बाद में इन उत्पादों की पैकिंग आसपास फैंक दी जाती है। सभी सिंगल यूज प्लास्टिक में पैक होते हैं। स्कूल परिसर को साफ रखने के लिए अब ऐसे उत्पाद स्कूल और स्कूल के आसपास नहीं बिक सकेंगे। ऑफिस में भी नहीं होगा उपयोग विभाग ने अपने आदेश में न सिर्फ स्कूल बल्कि ऑफिस में भी ऐसे उत्पादों के उपयोग पर रोक लगा दी है, जो सिंगल यूज प्लास्टिक में आते हैं। आमतौर पर जिला शिक्षा अधिकारी, ब्लॉक शिक्षा अधिकारी और स्वयं शिक्षा निदेशालय परिसर में भी सिंगल यूज प्लास्टिक में सामान आता है। अब इस पर पूरी तरह रोक रहेगी। सिगरेट-तंबाकू पर भी है रोक उधर, राज्य सरकार ने स्कूल परिसर के आसपास सिगरेट व तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर भी रोक लगा रखी है। हेल्थ डिपार्टमेंट कई बार स्कूल के आसपास बनी चाय की दुकानों, डेयरी के बूथ पर कार्रवाई भी करती है लेकिन ये बाद में फिर बिकने लगते हैं। खासकर स्कूल के पास इन उत्पादों की बिक्री पर कोई रोक नहीं है।

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