सूफी संत हजरत ख्वाजा मोईनुद्दीन हसन चिश्ती के उर्स की शुरुआत 1 या 2 जनवरी को चांद दिखाई देने पर हो जाएगी। चांद रात को तड़के 4 बजे जन्नती दरवाजा खुल जाएगा। सालभर में जन्नति दरवाजा चार बार खोला जाता है लेकिन उर्स में सबसे ज्यादा 6 दिन के लिए खुलता है। इसके बाद एक दिन ईद उल फितर के मौके पर, एक दिन बकरा ईद के मौके पर और एक दिन ख्वाजा साहब के गुरु हजरत उस्मान हारूनी के सालाना उर्स के मौके पर यह दरवाजा खुलता है। परंपरा के अनुसार जन्नती दरवाजा उर्स में आने वाले जायरीन के लिए खोला जाता है। इसी परंपरा के अनुसार यह दरवाजा कुल की रस्म के बाद 6 रजब को बंद कर दिया जाता है। साल भर बांधते हैं मन्नत का धागा जन्न्ती दरवाजे पर साल भर जायरीन मन्नत का धागा बांधते हैं। जन्नती दरवाजा खुलने के बाद से ही जायरीन की आवक बढ़ जाती है। दरगाह जियारत को आने वाले जायरीन जन्नती दरवाजा से जियारत करने के लिए बेकरार नजर आते हैं। जायरीन सिर पर मखमल की चादर और फूलों की टोकरी लिए अपनी बारी का इंतजार करते हैं। 28 से होगी शुरूआत गरीब नवाज के उर्स की शुरूआत अनोपचारिक रूप से 28 दिसम्बर को झंडा चढाने के साथ हो जाएगी। विधिवत शुरूआत चांद दिखाई देने पर 1 या 2 फरवरी से हो जाएगी। (फोटो-नजीर कादरी) पढें ये खबर भी… ऑस्ट्रेलिया एक्टर अली सैय्यद ने दरगाह जियारत की:कहा-दोनों देशों के सम्बन्धों पर बनाई 27 फरवरी को रीलिज होगी हिन्दी-विंदी


