छत्तीसगढ़ व महाराष्ट्र में नक्सलियों में खलबली:सुकमा में जवान बारिश में चले, 1 नक्सली मारा; महाराष्ट्र में 4 ढेर

फोर्स के लगातार और बड़े पैमाने पर चलाए जा रहे ऑपरेशन से नक्सली अब इधर-उधर भाग रहे हैं। वे महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले के कवांडे-नेलगुड़ा इलाके में पहुंचे। उनकी मौजूदगी का इनपुट मिलने पर गढ़चिरौली एएसपी रमेश के नेतृत्व में सी-60 की 12 पार्टियों को सीआरपीएफ की एक पार्टी के साथ छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के बेदरे इलाके में ऑपरेशन लॉन्च किया गया। घेराबंदी के दौरान नक्सलियों ने जवानों पर फायरिंग शुरू कर दी, जिसका जवाब जवानों ने भी दिया। इस कार्रवाई में 4 नक्सली ढेर हो गए। मौके से एक एसएलआर, दो 303, 1 भरमार बंदूक भी बरामद की है। इधर, सुकमा जिले के तुमलेर के बाद बीजापुर-सुकमा सीमा पर किस्टारम-पामेड़ के जंगल में हुई मुठभेड़ में एक नक्सली को मार गिराया गया है। बताया जाता है कि गुरुवार को सुकमा जिले के किस्टाराम इलाके के लिए अतिरिक्त पुलिस बल को रवाना किया गया। भारी बारिश के बीच जवान रातभर पैदल चलकर नक्सलियों के ठिकाने तक पहुंचे। बता दें कि हाल ही में अबूझमाड़ के जंगल में ऐतिहासिक सफलता के बाद जवानों ने नक्सलियों के भागने के ज्यादातर रास्तों को ब्लॉक कर दिया है। नक्सलवाद का खात्मा डेडलाइन से पहले: सीएम सीएम विष्णुदेव साय शुक्रवार को ओरछा ब्लॉक के ग्राम बासिंग स्थित बीएसएफ कैंप पहुंचे। ऑपरेशन में 27 नक्सलियों को मार गिराने वाले जवानों की हौसला-अफजाई करते हुए सीएम ने कहा कि सुरक्षा बलों ने जिस तरह उच्च स्तरीय रणनीति बनाकर ऑपरेशन को अंजाम दिया और कामयाबी हासिल, वो सराहनीय है। जवानों साहस को नमन। अब वह दिन दूर नहीं जब बस्तर के माथे ने नक्सलवाद का कलंक पूरी तरह से मिट जाएगा। मार्च 2026 को माओवाद को जड़ से समाप्त करने का संकल्प इस डेडलाइन से पहले ही पूरा होता नजर आ रहा है। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि जवानों की ऐतिहासिक सफलता की सराहना राष्ट्रीय ही नहीं, अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी हो रही है। अब बस्तर में सकारात्मक परिवर्तन होने जा रहा है जो विकास की राह ले जाएगा। जवानों को प्रमोशन संभव मुख्यमंत्री ने कैम्प के जवानों को एलईडी सेट और प्रशस्ति पत्र भेंट किया तथा नक्सल ऑपरेशन में शामिल जवानों को आउट ऑफ टर्न प्रमोशन पर जल्द विचार करने की बात भी कही। 24 नक्सलियों का सरेंडर बीजापुर में 87 लाख के इनामी 24 हार्डकोर नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। सीएम साय ने कहा कि ये हमारी आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति, नियद नेल्ला नार योजना की सकारात्मक सफलता का प्रमाण है। 5 कमांडो को शौर्य चक्र, इनमें दो शहीद शामिल नक्सल ऑपरेशन में शामिल सीआरपीएफ की कोबरा बटालियन 201 के कांस्टेबल पवन कुमार और कांस्टेबल देवन सी को मरणोपरांत शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया है। दोनों छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के गढ़ में नया बेस स्थापित करने की कोशिश के दौरान शहीद हुए। इसी ऑपरेशन में डिप्टी कमांडेंट लखवीर, असिस्टेंट कमांडेंट राजेश पांचाल और कांस्टेबल मलकीत सिंह को शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया है। लखवीर बम धमाके की चपेट में आकर, जब​कि पांचाल गोली लगने से घायल हुए। मलकीत ने पवन कुमार के शव को वापस लाने के लिए भारी गोलीबारी की चिंता नहीं की।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *