बठिंडा में फैक्ट्री में पैरों से कुचलकर गजक बनाई जा रही है। जिसका वीडियो सामने आने के बाद प्रशासन हरकत में आया और जांच की। फैक्ट्री बिना लाइसेंस के चल रही थी। जिसे अब सील कर दिया है। मामला गोनियाना मंडी का है। जानकारी के अनुसार पिछले दिनों एक समाजसेवी द्वारा वीडियो बनाकर वायरल कर दिया था। इस फैक्ट्री में मशीनों की जगह इंसानी हाथों से गजक तैयार की जा रही थी और मूंगफली का छिलका उतारने के लिए पैरों से कुचला जा रहा था। वीडियो पर कार्रवाई करते हुए जिला स्वास्थ्य अधिकारी ने आदेश दिए। जिसके बाद स्वास्थ्य इंस्पेक्टर नवदीप सिंह चहल की अगुआई में इस फैक्ट्री पर छापा मारा गया। मौके पर साढ़े चार क्विंटल गजक बरामद हुई, जिसे सील कर दिया गया और सैंपल ले लिए गए। बिना लाइसेंस चल रही थी फैक्ट्री जांच के दौरान पाया गया कि इस फैक्ट्री के मालिक के पास कोई लाइसेंस नहीं था और यह फैक्ट्री पूरी तरह से अवैध तरीके से चल रही थी। स्वास्थ्य अधिकारी नवदीप सिंह ने बताया कि मौके पर निरीक्षण के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि गजक बनाने की प्रक्रिया पूरी तरह से अनधिकृत थी। उन्होंने कहा कि गजक अनहाइजेनिक पाई गई है। जिसके सैंपल ले लिए गए हैं। यहां सफाई का कोई भी उचित प्रबंध नहीं था। कार्रवाई के तहत फैक्ट्री को सील कर दिया गया है। साथ ही वहां पाई गई गजक को भी सील किया गया है। इसके अतिरिक्त, फैक्ट्री के मालिक विनोद कुमार का चालान काटकर बठिंडा एडीसी कार्यालय में पेश होने का निर्देश दिया गया है। 10 हजार से एक लाख रुपए तक हो सकता है जुर्माना डीएचओ अमृतपाल सिंह ने बताया कि फैक्ट्री को सैंपल लेने के बाद सील कर दिया है। गजक अनहाइजेनिक पाई गई है। फैक्ट्री मालिक का जो चालान काटा गया है उसकी सुनवाई एडीसी की अदालत में होगी। जिसमें उसका 10 हजार से लेकर एक लाख रुपए तक जुर्माना हो सकता है।


