केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर पर की गई टिप्पणी के विरोध में कांग्रेस आज पूरे मध्यप्रदेश में अंबेडकर सम्मान मार्च निकालेगी। भोपाल में पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह, पीसीसी चीफ जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, विधायक आरिफ मसूद, आतिफ अकील समेत कई नेता इसमें शामिल होंगे। सम्मान मार्च दोपहर 12 बजे से राजधानी के लिली टॉकीज चौराहे से जिंसी चौराहा तक निकाला जाएगा। अन्य जिलों में लोकल नेता इसका नेतृत्व करेंगे। दूसरी तरफ, शाह के विरोध में बहुजन समाज पार्टी के कार्यकर्ता भी प्रदर्शन करेंगे। वे कलेक्टर कार्यालय पर धरना देंगे। इसके बाद राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन दिया जाएगा। कांग्रेस ने कहा- बीजेपी ने मनुवादी मानसिकता उजागर की
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि बीजेपी संसद और विधानसभा में मुद्दों से भटकाने की कोशिश करती है। अडानी, मणिपुर, संभल जैसे मामलों पर सदन में बहस की मांग लगातार ठुकराए जाने के बाद प्रतिपक्ष की संविधान पर चर्चा की मांग मान ली गई। डॉ. अंबेडकर के समता, समानता और न्याय के आदर्शों पर चलने की सलाह बीजेपी को रास नहीं आई। सत्ता पक्ष ने लगातार विपक्ष को बोलने से रोकने की कोशिश की। यही नहीं, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने डॉ. अंबेडकर का अपमान कर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और बीजेपी की मनुवादी मानसिकता उजागर कर दी। शाह बोले थे- इतना नाम भगवान का लेते तो स्वर्ग मिल जाता
दरअसल, 17 दिसंबर को शाम 7:45 बजे राज्यसभा में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अंबेडकर पर टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था- मान्यवर अभी एक फैशन हो गया है। अंबेडकर, अंबेडकर, अंबेडकर, अंबेडकर, अंबेडकर, अंबेडकर। इतना नाम अगर भगवान का लेते तो 7 जन्मों तक स्वर्ग मिल जाता। हालांकि, उस वक्त वो इस संदर्भ में बात कर रहे थे कि कांग्रेस की वजह से अंबेडकर को मंत्रिमंडल से इस्तीफा देना पड़ा था।


