साहिबगंज पुलिस लाइन स्थित महिला बैरक के पास रविवार को एक सिपाही का शव संदिग्ध हालत में मिला। शव की पहचान पुलिसकर्मी सुरजीत यादव के रूप में हुई। वह पुलिस लाइन में पदस्थापित थे। उनका बायां हाथ टूटा था। शरीर पर कई जगह चोट के निशान थे। आशंका जताई जा रही है कि शनिवार की रात घटना को अंजाम दिया गया है l घटना की जानकारी मिलते ही जिरवाबाड़ी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए सदर अस्पताल भेजा गया। मेडिकल बोर्ड ने पोस्टमॉर्टम किया। पहले गोली मारने की आशंका जताई गई थी, लेकिन पोस्टमॉर्टम में गोली लगने की पुष्टि नहीं हुई। पाकुड़ का रहने वाला था सुरजीत सुरजीत यादव मूल रूप से पाकुड़ जिले के महेशपुर थाना क्षेत्र के ग्वालपाड़ा गांव के रहने वाले थे। 2011 में झारखंड पुलिस में बहाल हुए थे। 2015 में उनकी शादी शोभनपुर भट्टा निवासी सुरेंद्र यादव की बड़ी बेटी से हुई थी। उनकी दो बेटियां हैं। एक सात साल की, दूसरी दो साल की। बड़ी बेटी संत जेवियर स्कूल में पढ़ती है। सुरजीत ने आजाद नगर में जमीन लेकर घर बनाया था। दो दिन पहले ही उनका तबादला मुफस्सिल थाना से पुलिस लाइन किया गया था। वह टाइगर मोबाइल और सिविल जज के अंगरक्षक भी रह चुके थे। साथी सिपाही के साथ घर से निकले पत्नी ने बताया कि शनिवार शाम वह एक साथी सिपाही के साथ निकले थे। रात में घर नहीं लौटे। काफी खोजबीन की गई, लेकिन पता नहीं चला। साहिबगंज एसपी अमित कुमार सिंह कोलकाता में हैं। उनके नहीं होने पर गोड्डा एसपी अनिमेष नैथानी ने जांच की। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण किया। संदिग्ध पुलिसकर्मियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। एसआईटी का गठन कर दिया गया है। पुलिस ने कहा कि जल्द ही मामले का खुलासा कर लिया जाएगा।


