ट्रम्प की धमकी पर सरकार बोली-आईफोन बनाने सस्ती जगह देंगे:अन्य देशों के मुकाबले भारत में मोबाइल बनाना सस्ता; ट्रम्प भारत में आईफोन बनाने से नाखुश

इंडिया में आईफोन बनाने को लेकर ट्रम्प की धमकी के बाद नीति आयोग ने कहा है कि भारत में ज्यादातर देशों की तुलना में आईफोन बनाना सस्ता है। ट्रम्प की एपल पर 25% टैरिफ लगाने की धमकी पर नीति आयोग के CEO बीवीआर सुब्रह्मण्यम ने कहा कि टैरिफ क्या होगा, यह अनिश्चित है। लेकिन भारत मोबाइल मैन्युफेक्चरिंग के लिए एक सस्ती जगह है। उन्होंने रविवार को 10वीं गवर्निंग काउंसिल की बैठक के बाद एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान यह बात कही। ट्रम्प ने एपल पर 25% टैरिफ लगाने की धमकी दी थी डोनाल्ड ट्रम्प ने शुक्रवार को कहा था कि अमेरिका में बेचे जाने वाले आईफोन की मैन्युफैक्चरिंग भारत या किसी अन्य देश में नहीं, बल्कि अमेरिका में ही होनी चाहिए। उन्होंने एपल के CEO टिम कुक को बता दिया है कि यदि एपल अमेरिका में आईफोन नहीं बनाएगा तो कंपनी पर कम से कम 25% का टैरिफ लगाया जाएगा। पूरी खबर पढ़ें… 15 मई को कहा था, इंडिया अपना ख्याल खुद रख लेगा एपल CEO के साथ हुई इस बातचीत की जानकारी देते हुए ट्रम्प ने 15 मई को कहा था कि एपल को अब अमेरिका में प्रोडक्शन बढ़ाना होगा। मुझे कल टिम कुक के साथ थोड़ी परेशानी हुई। मैंने उनसे कहा, टिम, तुम मेरे दोस्त हो, तुम 500 बिलियन डॉलर लेकर आ रहे हो, लेकिन अब मैं सुन रहा हूं कि तुम पूरे भारत में प्रोडक्शन कर रहे हो। मैं नहीं चाहता कि तुम भारत में प्रोडक्शन करो। उन्होंने आगे कहा कि अगर तुम भारत का ख्याल रखना चाहते हो तो तुम भारत में निर्माण कर सकते हो, क्योंकि भारत दुनिया में सबसे ज़्यादा टैरिफ वाले देशों में से एक है। भारत में बेचना बहुत मुश्किल है और उन्होंने हमें एक डील ऑफर की है। इसके तहत वे हमसे कोई टैरिफ नहीं वसूलने को तैयार हैं। मैंने टिम से कहा, देखो, हमने वर्षों तक चीन में तुम्हारे द्वारा बनाए गए सभी प्रोजेक्ट्स को सहन किया, अब तुम्हें अमेरिका में प्रोडक्शन करना होगा, हम नहीं चाहते कि तुम भारत में निर्माण करो। इंडिया अपना ख्याल खुद रख सकता है। पूरी खबर पढ़ें… धमकी के बाद भी एपल भारत में ही बनाएगी आईफोन अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की धमकी के बाद भी एपल भारत में ही आईफोन बनाएगी। CNN की रिपोर्ट्स के अनुसार, भारत में आईफोन के प्रोडक्शन से कंपनी को काफी फायदा होगा। इसीलिए कंपनी किसी राजनीतिक दबाव में कोई फैसला नहीं लेगी। मामले से जुड़े एक शीर्ष सरकारी अधिकारी ने बताया कि उन्हें पूरा विश्वास है कि एपल कंपनी ट्रम्प प्रशासन के किसी भी दबाव के बावजूद मुनाफे को तवज्जो देगी। रिपोर्ट्स के अनुसार, कंपनी भारत में उपलब्ध टैलेंट और यहां बिजनेस के लिए उपलब्ध सुविधाओं पर ज्यादा फोकस कर रही है। अभी भारत में बन रहे 15% आईफोन
फिलहाल एपल कंपनी अमेरिका में स्मार्टफोन नहीं बनाती है। इसके ज्यादातर आईफोन चीन में बनाए जाते हैं, जबकि भारत में अब एपल के कुल उत्पादन का लगभग 15% हिस्सा बनता है, जो सालाना लगभग 40 मिलियन यूनिट है। वहीं एपल के CEO टिम कुक ने हाल ही दिए एक इंटरव्यू में बताया था कि अमेरिकी बाजार में बिकने वाले 50% आईफोन भारत में बन रहे हैं। कुक ने कहा कि भारत अप्रैल-जून तिमाही में अमेरिका में बिकने वाले आईफोन्स का कंट्री ऑफ ओरिजिन बन जाएगा। उन्होंने बताया कि एयरपॉड्स, एपल वॉच जैसे अन्य प्रोडक्ट्स भी ज्यादातर वियतनाम में बनाए जा रहे हैं। एपल का भारत पर इतना ज्यादा फोकस क्यों, 5 पॉइंट्स ट्रम्प नहीं चाहते कि एपल के प्रोडक्ट भारत में बनें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प नहीं चाहते कि एपल के प्रोडक्ट भारत में बने। पिछले हफ्ते ट्रम्प ने कंपनी के CEO टिम कुक से कहा था कि भारत में फैक्ट्रियां लगाने की जरूरत नहीं है। इंडिया अपना ख्याल खुद रख सकता है। एपल CEO के साथ हुई इस बातचीत की जानकारी ट्रम्प ने गुरुवार (15 मई) को कतर की राजधानी दोहा में बिजनेस लीडर्स के साथ कार्यक्रम में दी। उन्होंने कहा था कि एपल को अब अमेरिका में प्रोडक्शन बढ़ाना होगा। इसके बावजूद एपल की सबसे बड़ी कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरर फॉक्सकॉन ने भारत में 1.49 बिलियन डॉलर (करीब ₹12,700 करोड़) का निवेश किया है। फॉक्सकॉन ने अपनी सिंगापुर यूनिट के जरिए बीते 5 दिन में तमिलनाडु के युजहान टेक्नोलॉजी (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड में यह निवेश किया है।

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