इंदौर में लगे मंत्री विजय शाह की गुमशुदगी के पोस्टर:ढूंढकर लाने वाले को 11 हजार इनाम; एसआईटी ने केस से जुड़े दस्तावेज-वीडियो जब्त किए

कर्नल सोफिया कुरैशी को आतंकवादियों की बहन बताकर मुसीबत में फंसे मध्यप्रदेश के जनजातीय कार्यमंत्री डॉ. विजय शाह पब्लिक और प्रोग्रामों से दूर हैं। 20 मई को इंदौर में हुई कैबिनेट बैठक में भी वे मौजूद नहीं थे। ऐसे में कांग्रेस ने शाह को गुमशुदा बताते हुए शहर में पोस्टर लगाए। मंत्री को ढूंढकर लाने वाले को 11 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया है। इधर, सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर गठित विशेष जांच टीम (एसआईटी) शुक्रवार को इंदौर के मानपुर पहुंची। एसआईटी ने मानपुर थाने पहुंचकर स्थानीय पुलिस अधिकारियों से पूछताछ की। साथ ही थाने में रखे मामले से जुड़े सभी दस्तावेज, शिकायतें और घटनास्थल के वीडियो फुटेज अपने कब्जे में लिए। मंत्री विजय शाह ने 11 मई को इंदौर के महू तहसील के रायकुंडा गांव में कर्नल सोफिया को लेकर विवादित बयान दिया था। एसआईटी ने इस कार्यक्रम के दौरान मंच पर मौजूद लोगों के बयान भी दर्ज किए हैं। वहीं, 23 मई को शाह ने वीडियो जारी कर तीसरी बार माफी मांगी है। पढ़ें, मंत्री विजय शाह ने आखिर क्या कहा था…
मंत्री विजय शाह 11 मई को इंदौर के महू के रायकुंडा गांव में आयोजित हलमा कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर कहा था- ‘उन्होंने कपड़े उतार-उतार कर हमारे हिंदुओं को मारा और मोदी जी ने उनकी बहन को उनकी ऐसी की तैसी करने उनके घर भेजा।’ शाह ने आगे कहा- ‘अब मोदी जी कपड़े तो उतार नहीं सकते। इसलिए उनकी समाज की बहन को भेजा, कि तुमने हमारी बहनों को विधवा किया है, तो तुम्हारे समाज की बहन आकर तुम्हें नंगा करके छोड़ेगी। देश का मान-सम्मान और हमारी बहनों के सुहाग का बदला तुम्हारी जाति, समाज की बहनों को पाकिस्तान भेजकर ले सकते हैं।’ इन तीन अफसरों की एसआईटी कर रही मामले की जांच 15 मई से गायब हैं मंत्री शाह
बयान पर हंगामा मचने के बाद मंत्री विजय शाह 14 मई को अपने विधानसभा क्षेत्र हरसूद और खंडवा में आयोजित कार्यक्रमों में शामिल हुए। इसके बाद 15 मई से वे कहीं भी नजर नहीं आए। 15 मई की रात को सोशल मीडिया पर एक फोटो वायरल हुई कि मंत्री विजय शाह पत्नी के साथ सचखंड एक्सप्रेस से भोपाल के लिए रवाना हुए हैं। लेकिन, शाह भोपाल में न तो बंगले पर नजर आए और न ही अपने सरकारी ऑफिस में। इंदौर पार्षद ने मंत्री शाह पर किया इनाम घोषित
मंत्री विजय शाह के खिलाफ कांग्रेस का विरोध लगातार तेज हो रहा है। वे मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। इंदौर की वार्ड क्रमांक 20 की कांग्रेस पार्षद यशस्वी पटेल ने कहा- भाजपा को तत्काल उनसे इस्तीफा लेना चाहिए। यदि ऐसा नहीं किया गया तो विरोध और उग्र होगा। जो भी मंत्री शाह का मुंह काला करेगा उसे 51 हजार रुपए का इनाम दिया जाएगा। समर्थक सोशल मीडिया पर चला रहे कैंपेन
विजय शाह के बयान के बाद सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर एफआईआर दर्ज होने के बाद उनके समर्थक सोशल मीडिया पर कैंपेन चला रहे हैं। इनमें विजय शाह को देशभक्त बताते हुए उनकी सैनिकों के साथ तस्वीरें शेयर की जा रहीं हैं। विजय शाह फैंस क्लब के पेज पर एक पोस्ट में सपा सांसद रामगोपाल यादव के बयान पर विपक्ष की चुप्पी और विजय शाह के इस्तीफे की मांग को लेकर लिखा गया है कि विजय शाह को इसलिए टारगेट किया जा रहा है क्योंकि वे आदिवासी हैं। सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के बाद ही शाह के विभाग में तबादले
ऑपरेशन सिंदूर पर कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर दिए विवादित बयान देने वाले मंत्री विजय शाह के विभाग में तबादले सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के बाद ही हो सकेंगे। दरअसल, 28 मई को इस मामले में एसआईटी सुप्रीम कोर्ट में रिपोर्ट पेश करेगी। मंत्री को राहत मिल गई तो अफसर इसी दिन तबादलों के प्रस्ताव मंत्री शाह को भेजेंगे। वे मोबाइल पर आए ओटीपी डालकर इसको मंजूरी देंगे। अधिकारी सरकार और कोर्ट के रुख का इंतजार कर रहे हैं। मंत्रालय के अफसरों के अनुसार फिलहाल मंत्री के पास इससे संबंधित प्रस्ताव नहीं भेजे जा रहे हैं। मंत्री विजय शाह से जुड़ीं ये खबरें भी पढ़ें… मंत्री शाह बोले- हाथ जोड़कर आप सबसे माफी मांगता हूं सेना की अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी को आतंकियों की बहन बताने वाले एमपी के मंत्री कुंवर विजय शाह ने एक बार फिर माफी मांगी है। उन्होंने कहा- ‘ये मेरी भाषाई भूल थी। इसके लिए मैं बहन सोफिया कुरैशी और देशवासियों से माफी मांगता हूं।’ मंत्री विजय शाह ने शुक्रवार को एक वीडियो जारी किया है। जिसमें उन्होंने कहा है कि किसी को ठेस पहुंचाना मेरा उद्देश्य नहीं था। पढ़ें पूरी खबर… विजय शाह से इस्तीफा नहीं मांगेगी बीजेपी मप्र सरकार के कैबिनेट मंत्री विजय शाह को 28 मई तक गिरफ्तारी और इस्तीफे दोनों से राहत मिल गई है। कोर्ट ने मामले की जांच के लिए एसआईटी गठन के आदेश दिए है, वहीं इस तारीख तक गिरफ्तारी पर भी रोक लगाई है। दूसरी तरफ बीजेपी के सूत्रों का कहना है कि शाह की गिरफ्तारी पर रोक है, इसलिए इस्तीफा मांगने का सवाल ही पैदा नहीं होता। पढ़ें पूरी खबर…

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