तुलाडीह के सामुदायिक भवन में गायत्री महायज्ञ का आयोजन:सुमति सुखों की जननी और कुमति दुखों की जड़ : पूनम

भास्कर न्यूज|गिरिडीह अखिल विश्व गायत्री परिवार गिरिडीह की ओर से रविवार ॑को तुलाडीह के सामुदायिक भवन में गायत्री महायज्ञ का आयोजन किया गया। यज्ञ का संचालन महिला मंडल गिरिडीह की पूनम भदानी और अंजू भदानी ने किया। कार्यक्रम की शुरुआत गुरु और मां गायत्री की वंदना से हुई। इसके बाद गणेश वंदना की गई। फिर सभी देव शक्तियों का आह्वान किया गया। पांच मिनट की समूह प्रार्थना में सभी के कल्याण की कामना की गई। वहीं यज्ञ कुंड में अग्नि प्रज्वलित कर गायत्री महामंत्र और महामृत्युंजय मंत्र से आहुतियां दी गईं। उद्देश्य था मानव मात्र के उज्ज्वल भविष्य और राष्ट्र की उन्नति। इस अवसर पर पूनम भदानी ने कहा कि सुमति सभी सुखों की जननी है, जबकि कुमति सभी दुखों की जड़। कुमति से ही जीवन में क्लेश, कलह, दरिद्रता, व्यसन, भ्रष्टाचार और अन्याय आते हैं। सुमति से प्रेरित व्यक्ति सत्कर्म करता है और जीवन में सफलता, सुख और समृद्धि पाता है। उन्होंने कहा कि सुमति के लिए नियमित गायत्री मंत्र का जप, यज्ञ, लेखन या सूर्य का ध्यान करना चाहिए। कार्यक्रम का समापन मां गायत्री की आरती से हुआ। इस मौके पर उपस्थित लोगों ने नियमित गायत्री उपासना का संकल्प लिया। करीब 15 बच्चों ने गायत्री महामंत्र लेखन का संकल्प लिया। कार्यक्रम को सफल बनाने में बुधन प्रसाद वर्मा, बसंत कुमार, शिव प्रसाद राम, लव कुमार सिन्हा, पंकज केसरी, विश्वनाथ पंडित, विशेश्वर साव, रेखा देवी, कंचन देवी, स्नेह लता देवी, पूनम भदानी, अंजू भदानी और अन्य स्थानीय लोगों का सहयोग रहा।

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