भास्कर न्यूज| रायगढ़ देश के कुछ राज्यों में कोविड के मामले सामने आने के बाद एक बार फिर कोरोना को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि प्रदेश में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में बताई जा रही है। स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार शनिवार को स्वास्थ्य मंत्री की वीडियो कांफ्रेंस में सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। सोमवार को स्वास्थ्य विभाग शासन को जांच किट और अन्य जरूरी सामग्री की मांग के लिए पत्र भेजेगा। रविवार तक शहर के अस्पतालों में कोविड जांच के लिए कोई विशेष काउंटर नहीं बनाए गए हैं। रविवार को जिला अस्पताल समेत प्रमुख स्वास्थ्य केंद्रों की स्थिति का जायजा लिया गया। फ्लू और फीवर काउंटर तो बने हैं, लेकिन कोविड जांच की कोई सुविधा नहीं दिखी। रामभाठा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रविवार को बंद मिला। जिला अस्पताल में भी कर्मचारियों ने बताया कि फिलहाल टेस्ट किट या सैंपलिंग की कोई व्यवस्था नहीं है। हालांकि कोविड जैसे लक्षणों वाला कोई मरीज अब तक सामने नहीं आया है। मौतों के मामले में रायगढ़ प्रदेश में चौथे स्थान पर था रायगढ़ एक औद्योगिक जिला है, जहां बाहर से आने वालों की संख्या अधिक होती है। मई 2020 से जनवरी 2022 तक जिले में कोविड का गंभीर प्रभाव रहा। इस दौरान 1200 से अधिक लोगों की मौत हुई और डेढ़ लाख से अधिक लोग संक्रमित हुए। मौतों के मामले में रायगढ़ प्रदेश में चौथे स्थान पर था। अगस्त 2021 तक रायगढ़ प्रदेश का पहला जिला बना, जहां 18 वर्ष से अधिक आयु के सभी नागरिकों को कोविड वैक्सीन की पहली खुराक दी गई थी। ऐसे में प्रदेश या पड़ोसी राज्यों में मामले बढ़ने पर रायगढ़ में सतर्कता जरूरी है।


