छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के बरपाली में सुशासन तिहार के तहत आयोजित समाधान शिविर में प्रशासनिक लापरवाही सामने आई। अधिकारियों ने निर्धारित समय से पहले ही शिविर का समापन कर दिया। शिविर में पीएम आवास योजना, जमीन विवाद और पट्टे जैसी महत्वपूर्ण समस्याओं का समाधान होना था। डोंगरीभांठा के राहुल राज महंत शिविर में पीएम आवास की शिकायत लेकर पहुंचे। लेकिन उनके आने तक अधिकारी वहां से जा चुके थे। पीएम आवास की समस्या लेकर आए थे ग्रामीण मंगली भाई ने बताया कि छह से अधिक लोग पीएम आवास की समस्या लेकर शिविर में आए थे। जिम्मेदार अधिकारियों की अनुपस्थिति में उन्हें बिना समाधान के वापस लौटना पड़ा। बरपाली सरबुंदिया के एस चौहान जमीन विवाद का मामला लेकर शिविर पहुंचे थे। दोपहर 2 बजे से पहले ही शिविर समाप्त कर दिया गया। इससे उनकी समस्या भी अनसुलझी रह गई। शिविर का मुख्य उद्देश्य आम जनता की समस्याओं का त्वरित निराकरण करना था। लेकिन अधिकारियों की मनमानी के कारण कई लोगों को अपनी समस्याएं दर्ज भी नहीं करा पाए। इस कार्यशैली से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।


