फैक्ट फाइल:सात साल बाद चौहटन में अर्द्ध कुंभ सुंईया मेला 30 को, 24 घंटे में 10 लाख श्रद्धालु आएंगे, 1500 पुलिसकर्मी संभालेंगे व्यवस्था

पांडवों की तपोभूमि चौहटन में अर्द्ध कुंभ सुंईया मेला 30 दिसंबर को भरा जाएगा। इस बार करीब 10-12 लाख भक्तों के आने की संभावना है। इसको देखते हुए डूंगरपुरी मठ के मठाधीश, जिला प्रशासन व पुलिस की ओर से व्यापक व्यवस्था की गई है। 7 साल बाद 12 पंच योग बनने से सुंईया मरु कुंभ का संयोग बना है। पहली बार 5 जिलों के 15 पुलिसकर्मी और 500 प्रशासनिक अधिकारी व्यवस्थाएं संभालेंगे। चौहटन पहाड़ी पर तीन बड़े मंदिर है। जहां कड़े सुरक्षा बंदोबस्त किए गए है। श्रद्धालुओं के जाने और आने के लिए अलग-अलग व्यवस्था रहेगी। करीब 2 लाख लोगों के ठहरने की व्यवस्था की गई है। जोधपुर रेंज आईजी, संभागीय आयुक्त, बाड़मेर एसपी, 5 एएसपी, 12 डीएसपी, 20 इंस्पेक्टर, 100 एसआई-एएसआई, 1400 पुलिसकर्मी इस मरु कुंभ में कानून व्यवस्था संभालने के लिए तैनात रहेंगे। मेले में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के वाहनों को शहर से 2-3 किमी. पहले ही संबंधित मार्गों की पार्किंग स्थल पर रोक दिया जाएगा। इसके बाद श्रद्धालुओं को पैदल ही जाना होगा। 1944 के बाद 12वीं बार सुंईया मेला आयोजित हो रहा है। विष्णु पगलिया कैलनोर रोड- गडरारोड, कैलनोर से आने वाहनों की जाट किसान छात्रावास के पीछे पार्किंग। सुंईया मंदिर बाखासर रोड : : सेड़वा, धनाऊ, , गुजरात से आने वाले ​वाहनों की पार्किंग बाड़मेर रोड : चीपल नाडी मैदान व धर्मपुरी मंदिर के पास पार्किंग व्यवस्था रहेगी। >10-12 लाख श्रद्धालु आएंगे। >1500 पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। >10 एंबुलेंस सेवा के लिए रहेगी। >4 फायर ब्रिगेड की व्यवस्था। >3 ड्रोन से पुलिस निगरानी रखेगी। सवाल: मैं मेले में आ रहा हूं, मैं कब, कैसे और कहां से मंदिर तक पहुंच पाऊंगा? जवाब: बाड़मेर, बाखासर और कैलनोर तीन बड़े रास्ते है। जहां से सुंईया धाम मेले में पहुंच सकते है। ये तीनों ही टू लेन बड़े हाइवे है। सवाल: मैं मेले में आ रहा हूं, मुझे कहां वाहन पार्किंग करने होंगे और मंदिर तक कैसे पहुंच पाऊंगा? जवाव: बाड़मेर की तरफ से आने वाले वाहनों के लिए चीपल नाडी के पास सबसे बड़ी पार्किंग बनाई गई है। बाड़मेर, बाछड़ाऊ की तरफ से आने वाले श्रद्धालुओं को यहीं वाहन पार्क करने होंगे। स्पेशल परमिशन के बगैर किसी भी वाहन को शहर की तरफ एंट्री नहीं होगी। इसके बाद करीब 4 किमी. तक श्रद्धालुओं को पैदल चल कर मंदिर तक पहुंचना होगा। तीनों मंदिर सुंईया, कपालेश्वर और विष्णु पगलिया तक जाने और आने के रास्ते अलग-अलग रहेंगे। सवाल: स्नान करने के लिए पवित्र जल की कहां-कहां व्यवस्था रहेगी? जवाब: तीनों झरने के पवित्र जल के 500 नल लगाए गए है। हर नल में पवित्र जल होगा। मंदिर, मठ, छात्रावास के बाहर और अंदर नल लगाए गए है। जहां स्नान कर सकते है। सवाल: ​मुझे मेडिकल इमरजेंसी या कानून व्यवस्था के लिए मदद कैसे मिलेगी? जवाब: कानून व्यवस्था के लिए 1500 पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। 10 मेडिकल टीम के कैंप रहेंगे। मठ परिसर, मेला मैदान, मुख्य अस्पताल व चीपल नाडी के पास एंबुलेंस की व्यवस्था रहेगी। पुलिस के 3 कंट्रोल रूम होंगे। मठ के नीचे खोया-पाया, ऊपर वाले मठ में कानून व्यवस्था और सीओ ऑफिस में व्यवस्था का कंट्रोल रूम रहेगा। 1 सुंईया मंदिर: मंदिर मठ तलहटी के सामने से दांये तरफ ऊपर जाने वाली सीसी सड़क से सुंईया मंदिर पहुंच जाएंगे। वापिस आने के लिए बाई तरफ की सी​​ढ़ियों का इस्तेमाल करना होगा। 2. कपालेश्वर मंदिर: कपालेश्वर महादेव मंदिर के लिए दो मार्ग रहेंगे। एक इंद्रभाण तालाब के पास से सीढ़ियां और दूसरा डाक बंगला के सामने से सीधे मंदिर की तरफ जाता है। 3. विष्णु पगलिया: कपालेश्वर मंदिर से ऊपर करीब 250 सीढ़ी चढ़ने के बाद विष्णु पगलिया मंदिर आएगा। इसका रास्ता कपालेश्वर मंदिर वाला ही रहेगा। भोजन व प्रसादी: मेले में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भोजन की व्यवस्था वांकल मात्रा विरात्रा धाम ट्रस्ट और प्रसाद वितरण डूंगरपुरी मठ की ओर से की गई है। कपालेश्वर मंदिर चौहटन की पहाड़ी पर सुंईया, कपालेश्वर व विष्णु पगलिया के पवित्र झरनों का पानी 12 महीने बहता रहता है। सुंईया धाम मेले में डूंगरपुरी मठ के मठाधीश जगदीशपुरी महाराज का कहना है कि पवित्र झरनों के पानी को इंद्रभाण तालाब से मोटर के जरिए पहाड़ी पर स्थित पानी टैंक में डाला जाएगा। इसी टैंक से पूरे शहर, समाजों की हॉस्टल, मंदिर और अन्य जगह पर लगे करीब 500 नलों में पवित्र पानी 24 घंटे तक बहता रहेगा।डूंगरपुरी मठ से नीचे मेला मैदान में श्रद्धालुओं के लिए बाजार सजेगा। जहां खरीददारी कर सकेंगे। इसके अलावा कई तरह के झूले होंगे।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *