बैतूल की नांदा समिति को बिक्री का प्रथम पुरुस्कार:पैकेजिंग में सुधार कर बिक्री बढाई, कुल 6 लाख रु. का सामान बेचा

भोपाल में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय वन मेले में पश्चिम बैतूल वन मंडल की नांदा समिति को प्रथम पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। समिति ने पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष 35 प्रतिशत से ज्यादा लघु वनोपज की बिक्री की। मध्य प्रदेश के सभी जिलों की यूनियन के प्राथमिक लघु वन उपज समिति के कुल 52 स्टॉल लगाए गए थे। सोमवार को 7 दिवसीय वन मेले का समापन हुआ। प्रदेश की पहली समिति बनी नांदा
चयन समिति ने पश्चिम बैतूल सामान्य वन मंडल के प्राथमिक लघु वनोपज समिति नांदा को मध्य प्रदेश के सभी जिला यूनियन की समितियों में से प्रथम पुरस्कार के लिए चयन किया। प्राथमिक लघु वनोपज समिति नांदा द्वारा वन मेले में चिचोली परिक्षेत्र के जंगलों से संग्रहित लगभग 43 लघु वनोपजो (जिसमें प्रमुख रूप से जंगली शहद, अर्जुन छाल,सफेद मूसली शामिल है) का विक्रय किया गया। सात दिवसीय वन मेले में लगभग सवा 6 लाख रुपए की विक्रय की गई और सर्वाधिक बिक्री के आधार पर जिला यूनियन अवॉर्ड श्रेणी में प्रथम पुरस्कार के लिए चयनित किया गया। पैकेजिंग मे सुधार के लिए लगातार मॉनिटरिंग की गई
उल्लेखनीय है कि समिति ने पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष 35 प्रतिशत से ज्यादा विक्रय किया गया। इसका प्रमुख कारण वन मंडल अधिकारी पश्चिम बैतूल वरुण यादव ने शहद और अन्य लघु वनोपज के गुणवत्तापूर्ण संग्रहण को बढ़ावा देने के साथ ही पैकेजिंग में सुधार करवाया। इसके साथ ही उपवनमंडलधिकारी चिचोली गौरव मिश्रा और परिक्षेत्र अधिकारी चिचोली शैलेंद्र चौरसिया ने गुणवत्तापूर्वक संग्रहण के लिए समितियों की बैठक ली और पैकेजिंग मे सुधार के लिए लगातार मॉनिटरिंग की गई।

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