सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर शुक्रवार को देहरा पहुंचे, जहां उन्होंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ हिमाचल प्रदेश की निर्माणाधीन साइट का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्य में हो रही देरी पर नाराजगी जाहिर की। निर्माण कार्य की धीमी प्रगति को लेकर सीपीडब्ल्यूडी के अधिकारियों और निर्माण कार्य करवा रही कंपनी को जमकर फटकार लगाई। बैठक में सीयू के कुलपति और सीपीडब्ल्यूडी के वरिष्ठ अधिकारियों की अनुपस्थिति ने उनकी नाराजगी को और बढ़ा दिया। अनुराग ठाकुर ने सवाल उठाया कि जब सेंट्रल यूनिवर्सिटी के लिए 500 करोड़ रुपए का बजट स्वीकृत है, तो आखिर देरी क्यों हो रही है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना केवल कांगड़ा जिले के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने यह भी बताया कि छात्रों के स्थाई कैंपस की मांग लंबे समय से लंबित है, लेकिन अब तक इसे पूरा नहीं किया जा सका है। बैठक में अनुराग ठाकुर ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अगली बैठक में सीयू के वीसी, सीपीडब्ल्यूडी के आला अधिकारी और निर्माण कंपनी के शीर्ष अधिकारी मौजूद रहें। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि परियोजना की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उनका कहना था कि निर्माण कार्य में मौजूद खामियों को तुरंत सुधारा जाना चाहिए ताकि परियोजना को तय समय पर पूरा किया जा सके। देहरा शिक्षा का एक बड़ा केंद्र बनेगा
अनुराग ठाकुर ने कहा कि देहरा क्षेत्र शिक्षा का एक बड़ा केंद्र बनेगा, जिससे रोजगार और स्वरोजगार के अवसर पैदा होंगे। लेकिन फिलहाल स्थिति यह है कि 2,500 छात्रों के लिए जो सुविधाएं होनी चाहिए थीं, वे अभी तक तैयार नहीं हो पाई हैं। उन्होंने कहा कि इस परियोजना को प्रदेश का सबसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट बनाना चाहिए। उन्होंने हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर भ्रष्टाचार और वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार पिछले 2 सालों में कुछ भी ठोस नहीं कर पाई है। उन्होंने मुख्यमंत्री सुक्खू पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार को शिक्षा और विकास जैसे अहम मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए। अनुराग ठाकुर ने कहा कि अगली बैठक जल्द आयोजित की जाएगी, जिसमें सभी संबंधित अधिकारी उपस्थित होंगे। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि निर्माण कार्य बिना किसी देरी के पूरा हो। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि देहरा को उसका स्थाई कैंपस दिया जाए, ताकि क्षेत्र के छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।


