मंगलवार शाम ओडिशा के राउरकेला में डेढ़ टन विस्फोटकों से भरा ट्रक नक्सलियों ने लूट लिया। मीडिया रिपोट्र्स के मुताबिक लूटे हुए ट्रक को झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के सारंडा जंगल से सटे घने जंगल में रखा है। जानकारी के मुताबिक विस्फोटक भरा ट्रक राउरकेला स्थित आइडियल विस्फोटक फैक्ट्री से बांको पत्थर खदान जा रहा था। ट्रक बांको खदान पहुंचने ही वाला था कि 23 हथियारबंद नक्सली पहुंचे। ट्रक को कब्जे में ले लिया और उसे लेकर घने जंगल में चले गए। देर रात ट्रक ड्राइवर को छोड़ा देर रात नक्सलियों ने ट्रक ड्राइवर को रिहा कर दिया। जिसके बाद वह महूपदा थाने के लिए रवाना हो गया है। लेकिन, विस्फोटकों से भरा ट्रक अभी भी नक्सलियों के कब्जे में है। इस घटना को लेकर ओडिशा के केबलांग थाने में केस दर्ज किया गया है। इस घटना के बाद से पश्चिम सिंहभूम और ओडिशा की पुलिस सक्रिय हो गई है। लूट की घटना देर शाम की थी ऐसे में अंधेरा और घना जंगल होने के कारण पुलिस जंगल में नहीं घुसी है। झारखंड के बॉर्डर इलाके में बढ़ी सतर्कता पुलिस आधिकारिक रूप से तो कुछ नहीं कह रही है पर इस घटना को कोल्हान में एंटी नक्सल मूवमेंट चलाने और इससे मिल रही सफलता के साथ जोड़ कर देख रही है। किसी भी तरह की अनहोनी के मद्देनजर सारंडा के सभी CRPF कैंप को अलर्ट कर दिया गया है। झारखंड पुलिस ने बॉर्डर पर निगरानी बढ़ा दी है। पूरे इलाके में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। सारंडा जंगल क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। इन इलाके में विशेष सतर्कता का अलर्ट पुलिस सूत्रों के मुताबिक सारंडा जंगल के क्षेत्र और ओडिशा बॉर्डर के थाना क्षेत्र में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। ओडिशा बॉर्डर के इलाके जिसमें छोटानागपुर, जराईकेला के अलावा टोंटो, नोवामुंडी, किरिबुरु, मनोहरपुर, आनंदपुर, गोइलकेरा और गुदड़ी जैसी जगहों में सभी CRPF कैंप और झारखंड जगुआर के कैंप को अपने क्षेत्रों में सर्चिंग अभियान चलाने को कहा गया है। एंटी नक्सल मूवमेंट प्रभावित करने का आशंका इतनी भारी मात्रा में माओवादियों द्वारा विस्फोटक को लूटने के पीछे सारंडा व कोल्हान जंगलों में पिछले तीन सालों से नक्सलियों के खिलाफ चल रहे नक्सल विरोधी अभियान को प्रभावित करना हो सकता है। आशंका इस बात का भी लगाया जा रहा है कि सुरक्षाबलों को नुकसान पहुंचाने में नक्सली इसका उपयोग कर सकते हैं। जानकारी के मुताबिक वर्ष 2023 में भी परम बालजोडी गांव के डीके घोष कंपनी से डोटेनेटर व बारुद भाकपा माओवादी नक्सलियों ने लूट लिया था। जिसे सारंडा जंगल में ही गुप्त स्थान पर छुपा कर रखा था।


