भास्कर न्यूज | जालंधर समाज में मानवता ही सबसे बड़ी सेवा है। यही काम आपको औरों से अलग रखता है। सिटी की ऐसी समाज सेवी संस्था विमन वेलफेयर सोसायटी है, जिसके सदस्य जरूरतमंद परिवारों को राशन और नकदी देकर जीवनयापन में मदद कर रहे हैं। इसके अलावा संस्था विद्यार्थियों को स्कूल ड्रेस, स्टेशनरी व अन्य जरूरत का समानव अन्य सामग्री भी दी जाती है। सोसायटी के सदस्यों ने बताया कि हर महीने 12 जरूरतमंद महिलाओं को राशन व चार होनहार बच्चों की फीस व स्टेशनरी देकर मदद की जाती है। सोसायटी के सदस्य संजीव ओबरॉय ने बताया कि संस्था के सदस्य गुप्त रूप से 2015 से समाज से निस्वार्थ रुप से सेवा कर रहे हैं। हर महीने 15 से 20 परिवारों की मदद करते हैं। दो महीने पहले ही महिलाओं के नाम पर सोसायटी का नामकरण किया गया, ताकि समाज के हर वर्ग में अपनी भूमिका निभा सकें। उन्होंने बताया कि दूसरों के प्रति नि:स्वार्थ सेवा का भाव रखना ही जीवन में कामयाबी का मूलमंत्र है। नि:स्वार्थ भाव से की गई सेवा से किसी का भी हृदय परिवर्तन किया जा सकता है। हमें अपने आचरण में सदैव सेवा का भाव निहित रखना चाहिए, जिससे अन्य लोग भी प्रेरित होते हुए कामयाबी के मार्ग पर अग्रसर हो सकें। उन्होंने कहा कि अन्न दान और शिक्षा दान अथवा किसी को शिक्षित करना सबसे बड़ा कर्म है। वर्तमान में गुरचरण सिंह सैनी, दीनबंधू गुप्ता, सुमित जिंदल, पवन कुमार, सुदेश गुप्ता, गगन चौहान, भूपिंदर, जीएस विर्क, प्रवीण चोपड़ा, अरुण मेहता, परविंदर सिंह, संजीव ओबरॉय व अन्य सदस्य सेवा कार्यों में बढ़-चढ़कर सहयोग कर रहे हैं। होनहार छात्रा को सम्मानित करते हुए विमन वेलफेयर सोसायटी के सदस्य।


