राजधानी में करीब दर्जनभर इलाके ऐसे हैं जहां करीब 20 साल से पानी भर रहा है। इन जगहों पर पानी न भरे इसलिए नाले बनाने में 20 करोड़ खर्च किए जा चुके हैं। इसके बावजूद स्थिति जस की तस है। जयस्तंभ चौक, समता कॉलोनी, आनंद नगर, प्रोफेसर कॉलोनी, विद्या नगर कालीबाड़ी, नेहरू नगर, शहीद स्मारक भवन, भाजपा कार्यालय एकात्म परिसर समेत कई जगह ऐसी जहां हर साल बारिश में पानी भरता है।
इतना ही नहीं गुढ़ियारी, महोबाबाजार समेत कई अंडरब्रिज भी थोड़ी बारिश के बाद लबालब हो जाते हैं। कई बार इन जगहों पर लोग हादसों का भी शिकार हो रहे हैं। इन इलाकों के लोगों का कहना है निगम के हर अफसर को इसकी जानकारी है। इसके बावजूद आज तक इस समस्या को ठीक नहीं किया जा सका है। इतना ही नहीं सालभर में निगम वाले कुछ नहीं करते। बारिश के एक-दो हफ्ते पहले दौरा कर अपना काम पूरा कर लेते हैं। हैरान करने वाली बात यह है कि जो काम सालभर में होना चाहिए उसे बारिश आने के कुछ दिन पहले ही शुरू किया जाता है। जब से बना तब से भर रहा अंडरब्रिज में पानी
गुढ़ियारी को स्टेशन चौक से जोड़ने वाले पुराने अंडरब्रिज को तोड़कर निर्माण विभाग ने 2018 में नया अंडरब्रिज बनाया था। बनने के साथ ही यह अंडरब्रिज जलभराव की समस्या से जूझने लगा है। थोड़ी सी भी बारिश होने पर अंडरब्रिज में पानी भर जाता है। बारिश थमने के बाद करीब दो घंटे तक इस अंडरब्रिज से आवाजाही शुरू नहीं हो पाती। जलभराव की समस्या को दूर करने के लिए नवंबर 2021 में फिर इसका काम किया गया। जानिए… किसकी क्या जिम्मेदारी महापौर: वार्डों में जलभराव की समस्या होने पर वार्ड पार्षद नाले-नालियों का प्रस्ताव देते हैं। महापौर की मंजूरी के बाद प्रस्ताव स्वीकृत होता है और टेंडर प्रक्रिया शुरू होती है। कई बार वार्डों में काम राजनीतिक वजहों से भी स्वीकृत होते हैं। कमिश्नर: शहर में जलभराव एक गंभीर समस्या है। एक वार्ड से पानी की निकासी होने पर वह दूसरे वार्ड की समस्या बन जाती है। इसलिए जलभराव की समस्या को पूरे शहर से खत्म करने के लिए पूरे शहर स्तर पर विस्तृत कार्ययोजना बनानी चाहिए। यहां जल भराव की स्थिति गंभीर जलभराव की समस्या दूर करने जहां-जहां जो उपाय हो सकते हैं वो कर रहे हैं। 30 मई तक नाले-नालियों की सफाई पूरी हो जाएगी।
-मीनल चौबे, महापौर रायपुर
^अर्बन फ्लड मैनेजमेंट सिस्टम के तहत भेजा गया प्रस्ताव स्वीकृत होने पर केंद्र से करीब 200 करोड़ रुपए मिलेंगे।
– विश्वदीप, कमिश्नर नगर निगम रायपुर


