पंजाब में शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार की नियुक्ति, योग्यता और सेवामुक्ति से जुड़े नियम बनाएगी। एसजीपीसी अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि, कमेटी ने सिख संगठनों, बुद्धिजीवियों और संस्थाओं से 20 मई 2025 तक सुझाव मांगे थे। इन सुझावों के मूल्यांकन के लिए एक विशेष कमेटी बनाई जाएगी। इस कमेटी में विभिन्न सिख संगठनों के प्रतिनिधि और बुद्धिजीवी शामिल होंगे। पूर्व जत्थेदार मामले में नया मोड़ इसी बीच, पूर्व जत्थेदार गुरदेव सिंह कौंके मामले में एक नया मोड़ आया है। शिरोमणि कमेटी ने जत्थेदार के बेटे हरी सिंह के साथ मिलकर पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। यह याचिका पुलिस हिरासत में कौंके की प्रताड़ना और शहादत के मामले में दायर की गई है। कमेटी ने इससे पहले 14 जनवरी 2024 को पंजाब सरकार को एक आवेदन दिया था। सरकार ने इसे खारिज कर दिया। कोर्ट ने अब सरकार और जगराओं थाने के एसएचओ को नोटिस जारी किया है। अगली सुनवाई 28 जुलाई 2025 को होगी। धामी ने कहा कि सिख समाज लंबे समय से जत्थेदार की नियुक्ति और सेवामुक्ति के नियमों की मांग कर रहा था। उन्होंने पंजाब सरकार पर न्याय न देने का आरोप भी लगाया।


