अंबिकापुर में बाहर से आई महिलाएं और युवतियां एनजीओ के नाम से वसूली कर रही थी। जिसकी शिकायत मिलने पर पुलिस होटल दिहल पैलेस पहुंची, तो वहां होटल में करीब 35 से अधिक संख्या में महिलाएं-युवतियां ठहरी मिलीं। पुलिस ने पूछताछ की तो पता चला कि ये महिलाएं बिना मुसाफिरी दर्ज कराए यहां ठहरी हुई हैं। इनमें जितने के पहचान पत्र मिले, वे राजस्थान के थे। पुलिस ने सभी को होटल से भगा दिया है। मामला कोतवाली थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, करीब एक पखवाड़े से शहर के अलग-अलग मोहल्लों और चौक-चौराहों पर राजस्थान से आई हुई युवतियां और महिलाएं खुद को एनजीओ का मेंबर बताकर लोगों से पैसों की मांग कर रही थीं। ऐसी युवतियों से बात कराई जाती थी, जो फर्राटेदार अंग्रेजी बोलती हैं। वो बताती हैं कि, उनकी संस्था गरीब बच्चों की मदद करती है। शक होने पर लोगों ने मांगा पहचान पत्र, पुलिस को दी सूचना अंबिकापुर के गोधनपुर इस दल की कुछ युवतियां रसीद बुक लेकर पैसे मांगने पहुंची थीं, तो लोगों के उनके बाहरी होने का शक हुआ। लोगों ने उनका पहचान पत्र मांगा तो वे विवाद करते हुए चलीं गईं। इसकी सूचना कोतवाली पुलिस को दी गई। युवतियों का पीछा करते हुए कुछ युवक होटल दिहल पैलेस तक पहुंच गए। हॉल में रुकी थी 35 से अधिक महिलाएं सूचना पर अंबिकापुर कोतवाली और महिला थाना की पुलिस मौके पर पहुंची तो होटल दिहल पैलेस में 35 से अधिक महिलाएं रुकी हुई थीं। पुलिस ने उनसे पहचान पत्र मांगा तो करीब 25 ने अपना पहचान पत्र दिखाया जो राजस्थान का है। पुलिस ने मुसाफिरी दर्ज नहीं कराने को लेकर फटकार लगाई। पुलिस के सामने महिलाओं ने बताया कि वे किताबें बेचते हैं। छापे के दौरान कई महिलाएं नहीं मिलीं। पुलिस ने उन्हें तत्काल शहर छोड़ने का आदेश दिया। ASP अमोलक सिंह ने बताया कि बिना मुसाफिरी दर्ज कराए शहर में महिलाओं के रुकने की सूचना पर कार्रवाई की गई है। महिलाओं के पास जो दस्तावेज मिले हैं, वे राजस्थान के हैं। महिलाओं को शहर छोड़ने कहा गया है।


