सूरजपुर के नयनपुर डैम में नहाने गए दो छात्र डूबे:पुलिस-एसडीआरएफ की टीम तलाश में जुटी, पहले भी हो चुके हैं हादसे

सूरजपुर के नयनपुर डैम में दो छात्र गहरे पानी में डूब गए। दोनों छात्र अपने दोस्तों के साथ नयनपुर डैम में नहाने के लिए गए थे। दोस्तों ने घटना की जानकारी दोनों छात्रों के परिजनों को दी। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस के साथ नगर सेना और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची। दोनों बच्चों की तलाश जारी है। दोस्तों के साथ नहाने गए थे दोनों छात्र जानकारी के अनुसार, सूरजपुर भट्टापारा निवासी 15 वर्षीय अविनाश देवांगन (बबलू देवांगन) और 15 वर्षीय भानू निषाद (कन्हैया निषाद) बुधवार को अपने दोस्तों के साथ नयनपुर डैम में स्नान करने गए थे। नहाते समय दोनों अचानक गहरे पानी में चले गए। उन्हें डूबता देख उनके दोस्त चिल्लाए और मदद के लिए आवाज लगाई, लेकिन कुछ देर बाद दोनों लापता हो गए। दोस्तों ने परिजनों को घटना की जानकारी दी। इसके बाद सूरजपुर कोतवाली और बिश्रामपुर पुलिस को खबर दी गई। पुलिस ने तुरंत नगर सेना और एसडीआरएफ की टीम को तैनात कर तलाशी अभियान शुरू किया। बताया गया है कि एनीकट के गेट के पास डैम में पानी छोड़ने से वहां 20 से 25 फीट गहरा गड्ढा बन गया है। पिछले सप्ताह हुई भारी बारिश के कारण नदी का जलस्तर बढ़ा हुआ है, जिससे बच्चों की तलाश में रेस्क्यू टीम को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। नदी के किनारे बच्चों के परिजन और बड़ी संख्या में लोग जमा हैं। पहले भी हो चुकी हैं मौतें
नयनपुर डैम में डूबने की यह कोई पहली घटना नहीं है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस डैम में पहले भी कई लोगों की जान जा चुकी है। गहरे पानी और सुरक्षा के अभाव में यह डैम हादसों का कारण बनता रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से डैम के आसपास सुरक्षा उपायों, जैसे कि रेलिंग या चेतावनी बोर्ड लगाने की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। सुरक्षा उपायों की मांग
इस घटना ने एक बार फिर जलस्रोतों के पास सुरक्षा उपायों की कमी को उजागर किया है। स्थानीय लोग लंबे समय से नयनपुर डैम के आसपास बाड़बंदी और चेतावनी बोर्ड लगाने की मांग कर रहे हैं। एक ग्रामीण ने कहा, प्रशासन को इस डैम के आसपास सुरक्षा इंतजाम करने चाहिए। अगर समय रहते कदम उठाए गए होते, तो शायद आज ये बच्चे हमारे बीच होते। थोड़ी सी सावधानी बचा सकती थी जान
स्थानीय लोगों का कहना है कि अभिभावकों को अपने बच्चों पर नजर रखनी चाहिए और उन्हें गहरे पानी के खतरों के बारे में जागरूक करना चाहिए।

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