लुधियाना में आज भाजपा कर सकती उम्मीदवार की घोषणा:एडवोकेट बिक्रम सिद्धू, जीवन गुप्ता और राशि अग्रवाल में टिकट की दौड़ में शामिल

लुधियाना की पश्चिम विधानसभा सभा सीट के लिए 19 जून को उप-चुनाव होने हैं। 23 जून को नतीजे घोषित कर दिए जाएंगे। अभी तक कांग्रेस ने पूर्व कैबिनेट मंत्री भारत भूषण आशु को उम्मीदवार घोषित किया है। आशु ने आज प्रदेश प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग की अगुआई में नामांकन भी दाखिल कर दिया है। आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा सदस्य संजीव अरोड़ा को चुनाव मैदान में उतारा है। शिरोमणि अकाली दल ने एडवोकेट परोपकार सिंहल घुम्मन को टिकट दिया है। इन सभी पार्टियों के बीच भाजपा अपना उम्मीदवार घोषित करने में काफी पीछे रह गई है। भाजपा उम्मीदवार को चुनाव प्रचार का समय भी काफी कम मिलेगा, जबकि आशु या संजीव अरोड़ा की बात करें तो ये दोनों उम्मीदवार पिछले डेढ़ महीने से लगातार चुनाव प्रचार में जुटे हुए है। एडवोकेट बिक्रम सिंह सिद्धू का नाम सबसे आगे उम्मीद जताई जा रही है कि आज (गुरुवार को) भाजपा अपने उम्मीदवार के नाम की घोषणा कर सकती है। अभी तक सबसे आगे एडवोकेट बिक्रम सिंह सिद्धू का नाम चल रहा है। दूसरे नंबर महासचिव जीवन गुप्ता पर भी पार्टी चर्चा कर रही है। महिला दावेदारों में पूर्व मेयर हेमराज अग्रवाल की बहू राशि अग्रवाल भी इस दौड़ में शामिल है। भाजपा हाईकमान द्वारा 2022 में हुए विधानसभा चुनाव के नतीजों पर भी नजर दौड़ाई जा रही है। बिक्रम सिद्धू को कितने मत पड़े थे, इसकी भी समीक्षा की जा रही है। गुरप्रीत बस्सी 40 हजार 443 वोटों के साथ जीते थे अभी तक के राजनीतिक हालात के मुताबिक, इस सीट पर आम आदमी पार्टी, कांग्रेस और बीजेपी के बीच टक्कर होने वाली है। 2022 के विधानसभा चुनाव के नतीजों पर नजर डालें तो आम आदमी पार्टी उम्मीदवार गुरप्रीत बस्सी गोगी 40 हजार 443 वोटों के साथ विजयी रहे। कांग्रेस के भारत भूषण आशु 32 हजार 931 हजार वोटों के साथ दूसरे स्थान पर रहे। इसी तरह बीजेपी के बिक्रम सिंह सिद्धू ने भी अच्छा प्रदर्शन किया और 28 हजार 107 वोट पाकर तीसरा स्थान हासिल किया। इन समीकरणों के चलते यदि बिक्रम सिद्धू को भाजपा टिकट देती है तो इस सीट पर त्रिकोणीय मुकाबला हो सकता है। वहीं शिअद अपनी साख बचाने के लिए इस चुनाव में लड़ रही है। शिअद के उम्मीदवार एडवोकेट परोपकार सिंह घुम्मन चुनाव मैदान में है। क्यों हो रहा विधनसभा उप-चुनाव लुधियाना वेस्ट विधानसभा सीट से AAP विधायक गुरप्रीत गोगी (57) की करीब 4 महीने पहले गोली लगने से मौत हो गई थी। जिस समय गोली चली, उस समय वह खाना खा रहे थे। कमरे से गोली चलने की आवाज सुनकर उनकी पत्नी सुखचैन कौर और बेटा विश्वास मौके पर पहुंचे तो गोगी खून से लथपथ कमरे में गिरे हुए थे। DMC अस्पताल में उनका पोस्टमॉर्टम कराया गया। उसमें पता चला कि गोली उनके सिर के दाईं तरफ से लगी और बाईं तरफ से बाहर निकलकर आर-पार हो गई। इसके बाद लुधियाना के KVM स्कूल के पास श्मशान घाट में उनका अंतिम संस्कार किया गया। कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आई थी राशि अग्रवाल राशि अग्रवाल 2 साल पहले जब कांग्रेस को छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थी तो उन्होंने मीडिया के समक्ष कहा था कि उनकी आत्मा भाजपा पार्टी से जुड़ी थी, लेकिन उनके ससुर हेमराज अग्रवाल कांग्रेस के टकसाली नेता हैं। इस कारण वह कांग्रेस में बतौर पार्षद काम करती रही हैं। कांग्रेस में सिर्फ उनका शरीर था, आत्मा उनकी भाजपा में ही थी। इस वजह से आज उन्होंने ये कदम उठाया और कांग्रेस को छोड़ दिया। बता दें कि राशि अग्रवाल के ससुर हेमराज अग्रवाल 2022 विधानसभा चुनाव में आजाद उम्मीदवार के तौर पर चुनाव मैदान में उतरे थे। राशि मित्तल कन्हैया मित्तल के भजनों से प्रेरित होकर भाजपा में जुड़ी थी।

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