प्रणाम नर्मदा युवा संघ  ने  आशा कार्यकर्ता एवं सुपरवाइजर को किया  प्रशिक्षित

विश्व माहवारी स्वच्छता दिवस  पर जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम  आयोजित 

प्रणाम नर्मदा युवा संघ  ने  आशा कार्यकर्ता एवं सुपरवाइजर को किया  प्रशिक्षित

प्रणाम नर्मदा युवा संघ एवं स्वास्थ्य विभाग अनूपपुर अनूपपुर के संयुक्त तत्वाधान में विश्व माहवारी स्वच्छता दिवस के अवसर पर माहवारी स्वच्छता जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन सामुदायिक भवन राजेन्द्रग्राम में आयोजित किया गया, जिसमें पुष्पराजगढ़ विकासखंड की 300 से अधिक आशा कार्यकर्ता, आशा सुपरवाइजर, एएनएम, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी तथा महाविद्यालयीन छात्रों को माहवारी स्वच्छता, सामाजिक एवं परंपरागत रूडीवादी अभ्यास, कुरुतियों एवं अंधविश्वास के विषय में जागरुक एवं प्रशिक्षित किया गया | आशा कार्यकर्ता समुदाय में प्राथमिक स्वास्थ्य कार्यकर्ता के रूप में कार्य करती हैं। गर्भधात्री माताएं, गर्भवती महिलाओं तथा किशोरी बालिकाओं से लेकर अन्य स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता की जिम्मेदारी आशा कार्यकतार्ओं के कंधों पर होती है जिसका सकारात्मक परिणाम समय-समय पर देखने को मिलते हैं, इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए आशा कार्यकतार्ओं को माहवारी स्वास्थ्य तथा स्वच्छता के प्रति जागरूकता तथा प्रशिक्षण प्रदान किया गया ताकि समाज में जाकर समुदाय स्तर पर जागरूकता फैलाने का कार्य कर सकेंगे, जिससे स्वस्थ समाज का निर्माण किया जा सकेगा। यह कार्यक्रम के प्रायोजक संकल्प ग्रुप आफ कॉलेज, माँ कुटीर ट्रस्ट, टिपटा मिडिया तथा ग्राम पंचायत किरगी के विशेष सहयोग से संपन्न हुआ।

मिशन निरोग नारी के माध्यम से किया जा रहा जागरूक  

विदित हो कि प्रणाम नर्मदा युवा संघ विगत 5 वर्षों से मिशन निरोग नारी का संचालन कर रहा है जिसमें माहवारी स्वच्छता को बढ़ावा देने तथा अंधविश्वासों और सामाजिक रूढ़िवादी अभ्यास के उन्मूलन का कार्य किया जा रहा है, संस्था द्वारा ग्रामीण तथा जनजातीय अंचलों में सामुदायिक तथा विद्यालय के माध्यम से जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है, समय-समय पर सेमिनार तथा वर्कशॉप के माध्यम से भी महिलाओं तथा पुरुषों को जागरूक किया जाता है। निरोग नारी केंद्र के माध्यम से ग्रामीण तथा जनजाति महिलाओं को निःशुल्क सैनिटरी पैड भी उपलब्ध कराया जाता है।

माहवारी पर करें खुलकर बात

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ आरके वर्मा ने बताया कि माहवारी कोई बीमारी नहीं है वरन यह एक सामान्य प्रक्रिया है जो एक स्वस्थ महिला में प्रदर्शित होता है, माहवारी के दौरान स्वास्थ्य की विशेष देखभाल करने की आवश्यकता होती है, स्वास्थ्य विभाग इस पर लगातार कार्य कर रहा है। आशा कार्यकर्ता इसकी प्राथमिक कड़ी के रूप में कार्य कर रहे हैं जिसे और सबल बनाने की आवश्यकता है।

माहवारी के वैज्ञानिक प्रक्रिया को समझने की आवश्यकता

मुख्य वक्ता डॉ सरस्वती चतुर्वेदी ने  माहवारी  के वैज्ञानिक प्रक्रिया को सरल शब्दों में समझाया साथ ही माहवारी के दौरान स्वच्छता न रखने पर होने वाली बीमारियों और उसके दुष्परिणाम पर विस्तार से जानकारी प्रदान किया गया, माहवारी चक्र को समझाते हुए स्वस्थ स्त्री के माहवारी लक्षणों का विस्तार से जानकारी प्रदान किया गया, साथ ही महिलाओं में माहवारी के दौरान होने वाले मनोवैज्ञानिक परिवर्तनों पर भी प्रकाश डाला गया |

माहवारी अभिशाप नहीं वरदान है

संस्था की पदाधिकारी और मिशन निरोग नारी की प्रमुख निधि सिंह राठौर ने सामाजिक मान्यताओं तथा रूढ़िवादी विचारों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि महावारी को लेकर लगभग प्रत्येक समाज में विभिन्न प्रकार की मान्यताएं और प्रथाएं प्रचलित हैं । इन प्रथाओं का विश्लेषण होना चाहिए तथा आधुनिक युग में उपलब्ध सुविधाओं के अनुसार हमें जीवन को बेहतर बनाने की ओर प्रयास करना चाहिए। माहवारी के दौरान पूजा ना करना, मंदिर ना जाना, पानी न भरना, गौशाला में प्रवेश न करना तथा महिलाओं के साथ छुआ छूत जैसा व्यवहार करने पर विस्तार से चर्चा किया गया

यह रहे उपस्थित

कार्यक्रम में अतिथि के रूप में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ आरके वर्मा, सामाजिक कार्यकर्ता तथा माँ कुटीर ट्रस्ट से रीता मुखर्जी, डॉ रवि पाटीदार, सरपंच ग्राम पंचायत किरगी अर्जुन सिंह, संकल्प ग्रुप के डायरेक्टर अंकित शुक्ला, प्रणाम नर्मदा युवा संघ से विकास चंदेल, हरीश कुमार धुर्वे, निधि सिंह राठौर, पवन गुप्ता, निवेदिता राव, अंजलि दुबे, माखन सिंह, शिवकुमार, अविनाश आनंद मोहन सिंह, दुर्गेश कुमार, सुरभि प्रधान, इंटर्न हरेंद्र प्रताप सिंह, प्रवीण चडार, निलेश कुमार सहित संकल्प संकल्प महाविद्यालय के शिक्षक एवं छात्र उपस्थित रहे।

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