भास्कर न्यूज|गुमला भारत पाकिस्तान जब अलग हुआ तब अपने परिवार के साथ गुमला पहुंची पंजाबी गली के 94 वर्षीय केशर कौर। चलने-फिरने में असमर्थ वृद्ध महिला इन दिनों अपने वृद्धा पेंशन के लिए बैंक का चक्कर लगा रही है। केशर कौर के दो बेटे थे। बड़ा बेटा बलवंत सिंह की कोरोना काल में मौत हो गई। छोटा बेटा सोहन सिंह मानसिक रूप से विक्षिप्त है। एक पोता है दिलीप सिंह उर्फ राजू जो अपने चार बच्ची व एक बच्चा का लालन-पालन फुटपाथ में चौमिन बेचकर करता है। पोता की पत्नी चमेली दोनों पंजाब नेशनल बैंक से अपनी दादी का पेंशन निकालने गए तो बैंक मैनेजर ने कहा कि पेंशनर को लेकर आओ। जबकि वह चलने-फिरने में असमर्थ है। मैनेजर ने कहा कि उसे टांगकर लाओ तभी पेंशन मिलेग। मेरे ऊपर लगा आरोप गलत है : अमृत खलखो : पंजाब नेशनल बैंक के मैनेजर अमृत खलखो ने बताया कि ऐसा मामला हमारे संज्ञान में नहीं आया है। मै एक वृद्ध महिला को टांग कर लाने के लिए कैसे बोल सकता हूं। मेरे ऊपर आरोप लगाया जा रहा है। यदि कोई दुर्घटनाग्रस्त है, चलने फिरने में असमर्थ है या तो फिर बेड पर है। सूचना परिजन द्वारा देने पर अपने कर्मी को भेजकर अंगूठा या हस्ताक्षर कराकर उसके परिजनों को राशि देता हूं। परिजन किसी दूसरे कर्मी से मिले होगें परिजनों को पेंशन दे दी जाएगी।


