छत्तीसगढ़ के धमतरी में भाजपा ने कार्यालय तोड़फोड़ मामले में 7 नेताओं और कार्यकर्ताओं को 6 वर्ष के लिए निष्कासित कर दिया है। यह घटना नगरीय निकाय चुनाव के दौरान टिकट वितरण को लेकर हुई थी। नाराज कार्यकर्ताओं ने नगरी स्थित भाजपा कार्यालय में तोड़फोड़ की थी। उन्होंने फर्नीचर और सामानों को आग के हवाले कर दिया था। यह कार्रवाई भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव के निर्देश पर की गई है। टिकट को लेकर हुआ था बवाल जानकारी के अनुसार, जिला पंचायत चुनाव के लिए पार्टी द्वारा सूची जारी की गई थी, जिसमें क्षेत्र क्रमांक 12 से अरुण सार्वा को टिकट मिला। टिकट की घोषणा होते ही भाजपा कार्यालय नगरी में भारी हंगामा शुरू हो गया। कार्यकर्ताओं ने टिकट चयन पर नाराजगी जताते हुए कार्यालय में तोड़फोड़ और आगजनी कर दी थी। वहां रखे फर्नीचर और दस्तावेजों को नुकसान पहुंचाया गया। 4 महीने बाद लिया गया एक्शन यह मामला चार महीने पुराना है, लेकिन जांच के बाद अब प्रदेश कार्यालय ने इसमें शामिल पाए गए कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई की है। पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासन का आदेश जारी कर दिया गया है। आदेश में कहा गया है कि ये सभी कार्यकर्ता प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से घटना में संलिप्त थे और यह पार्टी अनुशासन का गंभीर उल्लंघन है। इन्हें किया गया पार्टी से बाहर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव के निर्देश पर निष्कासित किए गए नेताओं में निखिल साहू (युवा मोर्चा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य), शैलेन्द्र धेनुसेवक (पिछड़ा वर्ग मोर्चा मंडल नगरी अध्यक्ष), भोला शर्मा, गज्जु शर्मा, रवेन्द्र साहू, संत कोठारी और सुनील निर्मलकर शामिल हैं। पार्टी ने इस कार्रवाई को अनुशासनहीनता का मामला बताया है। घटना में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से शामिल पाए जाने के कारण इन सभी को पार्टी की सदस्यता से बाहर कर दिया गया है।


