जालंधर | पैर में फ्रैक्चर होने के कारण राजेश राम 15 दिनों से सिविल अस्पताल के एमएलसी वार्ड के बेड नंबर-32 पर उपचाराधीन है। वीरवार को उसे यूरिन बैग लगाया गया है। इससे पहले करीब 15 दिनों से वो सुबह घिसटकर टॉयलेट जाता था। बार-बार वहां जाने में दिक्कत थी तो अस्पताल स्टाफ ने यूरिन बैग की बजाय पानी की खाली बोतलें थमा दी थीं। जरूरत पड़ने पर राजेश उसी में यूरिन पास करता था। लेकिन बोतलें उठाने वाला कोई नहीं था तो वो बोतलें सिर के पास ही रख लेता था। उसकी इस दयनीय हालत को दैनिक भास्कर ने 29 मई के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया। इसके बाद अस्पताल प्रशासन ने राजेश राम को यूरिन बैग लगा दिया है और बोतलें हटा दी हैं। मरीज राजेश राम ने कहा कि यूरिन बैग लगाने से काफी राहत है। सुबह-शाम खाना भी मिल रहा है। फिलहाल डॉक्टरों का कहना है कि राजेश राम को छह हफ्ते के लिए प्लास्टर लगाया गया है।


