धौलपुर जिले के सैपऊ उपखंड क्षेत्र में नहर के पानी को लेकर सिंचाई विभाग के अधिकारियों की अनदेखी किसानों पर भारी पड़ रही है। बसई नवाब के जागीरपुरा कलां गांव में घर के अंतिम छोर पर गुरुवार को कई किसानों की करीब 30 से 40 बीघा फसल नहर के पानी से जलमग्न हो गई। जिससे किसानों में आक्रोश है। फसल के जलमग्न होने पर किसानों ने बताया कि उनके क्षेत्र में माइनर का अंतिम छोर है। जहां विभाग के अधिकारियों की ओर से पानी के भराव का कोई भी इंतजाम नहीं किया गया है। जिसके चलते नहर का पानी खेतों में खड़ी फसल में पहुंच गया है। नहर का पानी खेतों में खड़ी गेहूं, सरसों और आलू की फसल में पहुंचने से किसानों को नुकसान हुआ है। फसल में हुए नुकसान पर किसानों ने आक्रोश जताते हुए सिंचाई विभाग के अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाया है। किसानों ने बताया कि कई दिन से माइनर में लगातार पानी की आवक होने को लेकर विभाग के अधिकारियों से शिकायत की गई थी, लेकिन जेईएन सहित कर्मचारियों के द्वारा यहां पूरी तरह अनदेखी की गई है। शिकायत के बाद भी जेईएन और कर्मचारियों ने यहां माइनर को बंद नहीं किया है। जिसको लेकर नहर के पानी से खेतों में खड़ी फसल डूबने से किसानों का यहां काफी नुकसान हुआ है। दूसरी ओर बसई नवाब और नंदपुरा माइनर सूखी पड़ी होने से कई गांव के किसानों को फसल सिंचाई के लिए पानी का इंतजार है। सिंचाई विभाग इस लापरवाह को लेकर लोगों में आक्रोश है।


