भास्कर न्यूज | पटना एसईसीएल (साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड) द्वारा वादे के बावजूद समाधान नहीं मिलने से नाराज किसानों का गुस्सा गुरुवार को फूट पड़ा। गुस्साए ग्रामीणों ने कोल परिवहन में लगी ट्रकों को रोक दिया और सड़क के बीचों-बीच बैठकर जोरदार प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शन के दौरान जब ट्रक क्रमांक सीजी 10 बीके 0342 चालक राजकुमार कुशवाहा, एसईसीएल के सुरक्षा गार्डों के साथ प्रदर्शनकारियों के बीच से निकलने की कोशिश करने लगा, तब प्रदर्शनकारियों ने ट्रक को रोक लिया और चालक व गार्डों के साथ धक्का-मुक्की हुई। इस झड़प में कुछ लोगों को चोटें आईं। घटना की शिकायत कार्यवाह सहक्षेत्र प्रबंधक भूपेन्द्र पांडेय ने पटना थाने में दर्ज कराई। एफआईआर में प्रवीण कुमार दुबे, बबन यादव, सोमार साय, गोरे लाल समेत कई ग्रामीणों के नाम दर्ज हैं। पुलिस ने अपराध क्रमांक 00/2025 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं 61(2), 190, 191(3), 221, 351(2), 115(1), 115(2), और 132 के तहत मामला दर्ज किया। कार्रवाई में 17 आंदोलनकारियों को बैकुंठपुर जेल भेज दिया गया, जबकि उम्र का ध्यान रखते हुए 6 महिला व पुरुषों को छोड़ दिया गया। शुक्रवार को कोल परिवहन सामान्य हो गया। ग्रामीणों का कहना है कि एसईसीएल और शासन द्वारा पहले एक समिति बनाई गई थी और वादा किया गया था कि एक महीने में उनकी समस्याओं का समाधान किया जाएगा। लेकिन एक माह गुजरने के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, जिससे उन्हें मजबूर होकर आंदोलन करना पड़ा। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि इससे पहले के आंदोलन के समय क्षेत्रीय विधायक भइया लाल राजवाड़े, विधानसभा अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने भी एसईसीएल के सीएमडी को पत्र लिखकर समस्याओं के समाधान की मांग की थी। बावजूद इसके अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी है।


