बढ़ती लागत से किसान परेशान, बीज के दामों में 150 रुपए तक की बढ़ोतरी

भास्कर न्यूज | बैकुंठपुर जिले में खरीफ सीजन की तैयारी जोरों पर है। मई महीने की शुरुआत के साथ ही किसान खेतों की तैयारी में लग गए हैं। समितियों में किसानों की भीड़ बढ़ गई है, जो बारिश से पहले खाद और बीज का स्टॉक कर रहे हैं। हालांकि इस बार किसानों को खेती में अतिरिक्त आर्थिक बोझ का सामना करना पड़ेगा, क्योंकि शासन ने बीजों की नई दरें जारी कर दी हैं, जिनमें प्रति क्विंटल 100 से 150 रुपए तक की बढ़ोतरी की गई है। कोरिया जिले और एमसीबी क्षेत्र में एक लाख से अधिक किसान हैं, जिनमें से करीब 90 प्रतिशत किसान धान की खेती पर निर्भर हैं। ऐसे में धान बीज की कीमत बढ़ने से किसान चिंतित नजर आ रहे हैं। जानकारी के अनुसार, पिछले वर्ष मोटे धान का बीज 3400 रुपए प्रति क्विंटल में मिलता था, जबकि इस वर्ष इसकी कीमत बढ़ाकर 3550 रुपए कर दी गई है। वहीं पतले धान के बीज की कीमत अब 4030 रुपए प्रति क्विंटल तय की गई है। बीज की कीमतों में हर साल होने वाली बढ़ोतरी से किसानों की लागत लगातार बढ़ रही है। अधिकारियों के अनुसार, यह वृद्धि धान के समर्थन मूल्य में इजाफे के कारण की जाती है, ताकि संतुलन बना रहे। समिति में बीज और खाद लेने पहुंचे किसान। दाम बढ़ने से आमदनी में कमी आई किसान नरकेली के किसान चंद्र प्रताप राजवाड़े, बुडार के सोनालाल राजवाड़े समेत अमरपुर के रामअवध ने बताया कि हर साल खेती करना महंगा होते जा रहा है। सरकार ने धान का समर्थन मूल्य भले ही 3100 रुपए कर दिया है, लेकिन हर साल बीज का दाम बढ़ने और मजदूरी बढ़ने से धान के उत्पादन लागत बढ़ रही है। धान बोवाई से लेकर बेचने तक का खर्च हर साल बढ़ रहा है। जिससे आमदनी में कमी आ रही है। बीज-खाद की दरों पर नियंत्रण रखें इधर, प्रशासन ने खरीफ सीजन को लेकर तैयारियां शुरू कर दी हैं। जिले की प्राथमिक कृषि साख समितियों (पीएसीएस) में खाद और बीज का वितरण जारी है। प्री-मानसून बारिश की आहट के साथ ही किसान समितियों का रुख कर रहे हैं और आवश्यक सामग्री जुटा रहे हैं। किसानों की मांग है कि सरकार बीज और खाद की दरों पर नियंत्रण रखे, ताकि उन्हें अनावश्यक आर्थिक दबाव का सामना न करना पड़े और वे समय पर खरीफ सीजन की बुवाई कर सकें। उड़द बीज का दाम कम होने से राहत खरीफ सीजन 2024 में उड़द के बीच की कीमत प्रति क्विंटल 12 हजार 500 रुपए तय की गई थी। जो इस साल 1200 रुपए सस्ता किया गया है। खरीफ सीजन 2025 के लिए 11 हजार 300 रुपए निर्धारित की गई है। इसी प्रकार मूंग फल्ली 11900, तिल 19300प्रति क्विंटल में मिलेगा। बीज का दाम बढ़ने से धान के उत्पादन की लागत में 25 फीसदी तक बढ़ोतरी होगी। इसका सीधा असर किसानों की आमदनी पर पड़ेगा। बीज के दाम बढ़ने के कारण किसानी की लागत बढ़ जाएगी। समिति संचालकों ने बताया कि खरीफ सीजन 2023 में मोटे धान का बीज 2800 रुपए प्रति क्विंटल में मिला था। साल 2024 में 3400 रुपए में बिका। अब इस साल यह 3550 रुपए पहुंच गया है। 50 हजार किसानों पर पड़ेगा असर बता दे कि कोरिया व एमसीबी जिले में 42 समितियों में करीब 38 हजार किसान पंजीकृत है, जिनके द्वारा समितियों से धान बीज व खाद लिया जाता है। इसके अलावा 50 हजार से अधिक किसान खुले बाजार से धान बीज व खाद खरीदते है। यहां 90 फीसदी किसान धान की फसल पर ही निर्भर है। मोटे और पतले धान के बीच के दाम में बढ़ोतरी हो जाने से। आने वाले खरीफ सीजन में किसानों की लागत बढ़ेगी और आर्थिक बोझ पड़ेगा।

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