रायपुर की सड़क पर मंत्री टंकराम वर्मा ने अपनी कारों के काफिले को छोड़कर साइकिल चलाई। वो दूसरों को भी साइकिल चलाने का संदेश दे रहे थे। दरअसल, रायपुर में रविवार को विश्व साइकिल दिवस (3 जून) को ध्यान में रखकर फिट इंडिया मूवमेंट के तहत साइकिल रैली आयोजित की गई थी। रायपुर के मरीन ड्राइव, तेलीबांधा से एक साइकिल रैली का आयोजन किया गया। छत्तीसगढ़ शासन के खेल एवं युवा कल्याण मंत्री टंकराम वर्मा, विधायक मोतीलाल साहू और गुरु खुशवंत साहेब रैली में शामिल होकर लोगों को साइकिल चलाने के लिए प्रेरित किया। रैली मरीन ड्राइव से शुरू होकर शहीद भगत सिंह चौक, कलेक्ट्रेट चौक तक गई और फिर वहीं से यू-टर्न लेकर मरीन ड्राइव में खत्म हुई। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा, “स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने, पर्यावरण संरक्षण और नागरिकों को फिट रहने के लिए यह साइकिल रैली आयोजित की गई है। हम सभी को हर रविवार साइकिल चलाने की आदत डालनी चाहिए। स्वास्थ्य और पर्यावरण दोनों को बेहतर बनाने का यह एक सरल, सुलभ और प्रभावी उपाय है।” इस आयोजन में एसडीएम नंदकुमार चौबे, जिला स्तर के अधिकारी, छत्तीसगढ़ बाइसाइकिल एसोसिएशन के राइडर्स, स्कूली छात्र-छात्राएं, खिलाड़ी, युवा और आम नागरिक उपस्थित रहे। साइकिल चलाना एक बेहतरीन व्यायाम है, जो हृदय, फेफड़ों और मांसपेशियों को मजबूत बनाता है। यह मोटापा, डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और तनाव को कम करता है। क्यों मनाया जाता है साइकिल दिवस
3 जून को विश्व साइकिल दिवस मनाया जाता है। इसे मनाने के पीछे का उद्देश्य दुनियाभर में साइकिलिंग के फायदों को लेकर जागरूकता फैलाना है। यूएनओ की ओर से 2018 से तीन जून (3rd June) को वर्ल्ड साइकिल डे के रूप में मनाने की आधिकारिक घोषणा की गई थी। साइकिल चलाने से क्या फायदे हो सकते हैं, बता रही हैं फिटनेस एक्सपर्ट नेहा शाह –
1. नहीं होगा जोड़ों का दर्द- नियमित साइकिल चलाने का सबसे बड़ा फायदा है कि जोड़ों का दर्द काफी हद तक कम हो जाता है। हालांकि, इसके लिए जरूरी है कि साइक्लिंग के वक्त यह ध्यान रखें कि आपके जोड़ 90 डिग्री पर मूव हो रहे हों।
2. एंजाइटी- डिप्रेशन से मुक्ति साइक्लिंग के सिर्फ शारीरिक फायदे नहीं हैं। बल्कि, मानसिक तौर पर भी साइकिल के कई फायदे हैं। अगर आप डिप्रेशन या एंजाइटी से परेशान हैं, तो साइक्लिंग शुरू कर दें।
3. हार्टअटैक का खतरा कम- रेगुलर साइक्लिंग करने से हार्ट अटैक, एबनॉर्मल हार्ट रिदम्स, हार्ट फेलियर जैसी कार्डियोवस्क्यूलर डिसीज का खतरा भी न के बराबर होता है।
4. साइकिलिंग से इम्युनिटी बढ़ती है- 2018 में जर्नल द एजिंग सेल में छपी रिसर्च रिपोर्ट्स में यह सामने आया है कि साइकिल चलाने वालों की इम्युनिटी पॉवर अन्य लोगों की तुलना में अधिक होती है। जब हम सुबह-सुबह खुली हवा में साइकिलिंग करते हैं तो शरीर ठंड का सामना करता है। थोड़ी देर बाद शरीर गर्म होता है और फिर अत्यधिक गर्मी भी झेलता है। ठंड और गर्मी झेलने की यह प्रक्रिया शरीर की टी-सेल्स को ताकत देती है और हम मौसम के साथ बीमारियों के प्रति भी ज्यादा ताकतवर बन जाते हैं।
5. अन्य वर्कआउट से साइकिलिंग बेहतर- साइकिल चलाने की उपयोगिता बताते हुए यूनिवर्सिटी ऑफ बर्मिंघम के एजिंग इंस्टीट्यूट के प्रो जैनेट लॉर्ड कहते हैं कि साइकिल चलाने से बॉडी फैट और कोलेस्टेरॉल का लेवल ठीक बना रहता है और आप खुद को जवान महसूस करते हैं।
6. साइकिलिंग के दौरान मास्क जरूरी- अगर इनडोर साइकिलिंग कर रहे हैं तो मास्क की जरूरत नहीं है। लेकिन, यदि ऐसे खुली जगह में साइकिलिंग कर रहे हैं, जहां भीड़ है तो मास्क पहनना जरूरी है।
7. कितनी देर साइकिलिंग करें- यह रूटीन पर निर्भर करता है। अगर आप कोई अन्य फिजिकल एक्टिविटी नहीं करते हैं तो कम से कम सप्ताह में 5 दिन (रोज 40 मिनट) साइकिलिंग करना जरूरी है। वहीं अगर आप जिम या किसी तरह का दूसरा वर्कआउट करते हैं तो 15 मिनट साइकिलिंग करना भी काफी है।
8. साइकिलिंग का कैलोरी कनेक्शन- साइकिलिंग का सबसे बड़ा फायदा कैलोरी बर्न करना और वेट लॉस ही माना जाता है। रिसर्च डेटा से पता चलता है कि एक साल तक सप्ताह के 6 दिन साइकिल चलाने से आप करीब 2 लाख कैलोरी जला सकते हैं। इतनी कैलोरी करीब 26 किलो वजन कम करने के बराबर होती है।
इसे दिन और वजन के हिसाब से देखें तो 80 किलो का एक व्यक्ति हर रोज एक घंटा साइकिल चलाकर 650 कैलोरी घटा सकता है, यानि आप हर दिन एक घंटा साइकिल चलाकर 71 ग्राम वजन घटा सकते हैं।


