मंदसौर में मंगलवार को जन सुनवाई के दौरान एक महिला ले जहर खा लिया। जिसका जिला हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है। वहीं, इक पीड़ित लोट लगाते हुए जनसुनवाई में पहुंचा। गरोठ क्षेत्र से रामकन्या अपने पति और दो बच्चों के साथ जनसुनवाई में पहुंची थी। हालांकि, सुनवाई नहीं होने पर उसने जहर खा लिया। इसके बाद उसे जिला अस्पताल भर्ती करवाया है। जहां उसका उपचार किया जा रहा है। ससुर पर लगाया आरोप पीड़ित रामकन्या बाई ने बताया कि उसके ससुर पर 3 लाख का कर्ज था। जिसे उन्होंने अपने दो बेटों में बराबर का बाट दिया था। दोनों ने अपना कर्जा चुका दिया। इसके बाद ससुर ने कृषि जमीन को गिरवी रखकर बैंक से 4 लाख 74 हजार का कर्ज ले लिया। महिला का कहना है कि उसके पति के हिस्से की जमीन पर भी ससुर ने लोन लिया है। कर्ज को चुकाने में पूरी जिंदगी गुजर जाएगी। महिला ने आरोप लगाया कि ससुर छोटे बेटे से ज्यादा लगाव रखते है। ऐसे में हमने जो कर्ज चुकाया है, उसका कुछ नहीं होना है। महिला ने कहा कि वह 4 महीने से अधिकारियों के चक्कर लगा रही है। हर बार उसे आश्वासन दिया जाता है, लेकिन आज अधिकारियों ने साफ कहा दिया कि वे कुछ नहीं कर सकते है। इससे आहत होकर महिला ने जहर खा लिया। लोट लगाते हुआ जनसुनवाई में पहुंचा इधर, मल्हारगढ का रहने वाला किसान लोकेश शर्मा लोट लगाते हुए जनसुनवाई में पहुंचा। मनोज शर्मा का आरोप है कि उसकी मां मुन्नी बाई के नाम से 84 आरी कृषि भूमि है। सर्वे नंम्बर 220/3/2 के सीमांकन के लिए मल्हारगढ तहसील में आवेदन किया था। मौके पर आरआई तेजकरण वर्मा और पटवारी ने नापी की। इस दौरान सीमांकन के समय आरआई वर्मा ने 50 हजार रुपए मांगे। पीड़ित ने रिश्वत नहीं दी तो गलत तरीके से सीमांकन कर दिया। गिरधावर वर्मा ने दूसरे पक्ष से रुपए लेकर आधा बीघा जमीन ज्यादा नाप दी। इतना ही नहीं आरआई ने पंचनामे पर पीड़ित की मां मुन्नीबाई के फर्जी हस्तक्षर भी कर दिए। पीड़ित ने एसडीएम से लेकर कमिश्नर तक को शिकायत की, लेकिन कही कोई सुनवाई नही हुई। जिसके बाद आज जनसुनवाई में लोट लगाकर पहुंचा।


