झारखंड में 10 जून के बाद आएगा मानसून:अगले तीन दिन चढ़ा रहेगा पारा, बादल छाए रहेंगे पर नहीं होगी बारिश, उमस वाली गर्मी सताएगी

झारखंड के मौसम में बदलाव का दौर जारी है। राजधानी रांची सहित कई जिलों में सुबह से बादल छाए हुए हैं, लेकिन मौसम विभाग का कहना है कि बारिश के आसार बहुत कम है। लोकल वजहों से इक्का-दुक्का जगहों पर बारिश हो सकती है। इधर प्रदेश में मानसून के प्रवेश को लेकर समय में बदलाव हुआ है। मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने बताया कि ऐसी उम्मीद थी कि निर्धारित समय से हफ्ते भर पहले मानसून प्रवेश कर जाता, पर अभी स्थिति साफ नहीं है। उन्होंने बताया कि अब अगले एक सप्ताह मानसून के प्रवेश करने की कोई संभावना नहीं है। 7 जून के बाद ही पता चलेगा कि मानसून का प्रवेश कब हो सकता है। ऐसे उम्मीद है कि 10 से 12 जून के बीच प्रदेश में मानूसन प्रवेश कर जाए। मानसून में हुई देर तो चढ़ेगा राज्य का पारा उन्होंने यह भी बताया कि झारखंड में 12 जून तक मानसून आने का समय निर्धारित है। अगर इसमें देरी हुई तो गर्मी बढ़ेगी। क्योंकि, 6 जून से एक बार फिर तापमान बढ़ेगा। रांची का अधिकतम तापमान भी 38 डिग्री तक जा सकता है। दूसरे जिलों का तापमान भी बढ़ेगा। इस कारण गर्मी से राहत नहीं मिलेगी। राजधानी रांची सहित प्रदेश के मौसम की बात करें तो अगले 5 दिन आसमान में बादल छाए रहेंगे। आज आंशिक बादल के साथ गर्जन वाले बादल भी बन सकते हैं। 3 जून को आंशिक बादल छाया रहेगा। 4 जून और 5 जून को आंशिक बादल छाने के साथ गर्जन वाले बादल भी बन सकते हैं। इस दौरान अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है। 6 जून से आसमान साफ रहेगा, गर्मी बढ़ेगी। 15 जून से अच्छी बारिश होने के आसार मौसम विज्ञान केंद्र रांची ने बताया कि अगर 10 से 12 जून तक मानसून प्रवेश कर जाता है तो 15 जून या इसके बाद अच्छी बारिश हो सकती है। रांची में जून में सामान्य बारिश 197.6 एमएम होनी चाहिए, लेकिन मानसून पहुंचने में जितनी देर होगी, उतनी कम बारिश होगी। पिछले वर्ष ऐसी ही स्थिति हो गई थी। हालांकि, जून के अंतिम सप्ताह में अच्छी बारिश की संभावना है। 5 वर्षों में तीन बार सामान्य से कम बारिश मौसम विभाग के अनुसार, जून में सामान्य बारिश 197.6 एमएम होती है। लेकिन वर्ष 2020 व 2021 में लॉकडाउन की वजह से वाहनों की आवाजाही कम थी। इस कारण जून में सामान्य से अधिक बारिश हुई। इसके बाद तीन साल सामान्य से कम बारिश हुई। सबसे खराब स्थिति पिछले साल हुई, जब जून में मात्र 80.9 एमएम बारिश हुई, जो सामान्य से 59 प्रतिशत कम थी। दरअसल, पिछले साल मानसून का प्रवेश भी अनुमान से 10 दिन देरी से हुआ था। तीन साल 40 के पार रहा था तापमान कोरोना की वजह से 2020 में लॉकडाउन था और 2021 में सेमी लॉकडाउन लगा था। जिससे वाहन व फैक्ट्रियां बंद रहने या कम चलने से तापमान कम था। कोरोना के बाद लगातार तीन साल तक तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक रहा। हालांकि, इस बार मौसम में बदलाव होने से गर्मी में भी मात्र चार बार तापमान 40 के पार गया है। ऐसे में मानसून में अधिकतम तापमान कम रहने की संभावना है।

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