पलामू पुलिस ने जेल से छूटे अपराधियों द्वारा बनाए गए गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने पांच अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया है। इनके पास से दो हथियार, तीन गोली, तीन बाइक और 10 मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। गिरफ्तार अपराधियों ने अपने नौ साथियों के साथ मिलकर रंगदारी के लिए दहशत फैलाई। इन्होंने फरवरी में नौडीहा बाजार के कुहकुह कला रोड पर एक हाइवा को आग लगा दी। 27 मई को छतरपुर के कुटिया में जौरा माइंस से निकले दो हाइवा को भी जला दिया। बाहर से लौटकर रंगदारी वसूली शुरू की एसपी रिष्मा रमेशन ने बताया कि गिरोह का सरगना सकेन्द्र उरांव पहले टीएसपीसी का उग्रवादी था। जेल में रहते हुए उसने यह गिरोह बनाया। जेल से छूटने के बाद सभी कुछ दिन बाहर गए और फिर लौटकर रंगदारी वसूली शुरू की। गिरफ्तार अपराधियों में छतरपुर के विकास उरांव (25), मो. याद अली उर्फ सोनू (20), जमशेद आलम (20), पंचम कुमार ठाकुर (28) और सकेन्द्र उरांव (27) शामिल हैं। इनके निशाने पर माइंस, क्रशर मालिक, ठेकेदार, ट्रांसपोर्टर और दुकानदार थे। रंगदारी देने वाले लोग पुलिस की मदद नहीं कर रहे: एसपी एसपी ने कहा कि कुछ व्यवसायियों ने डर कर रंगदारी दी है। वसूले गए पैसे को अपराधियों ने आपस में बांट लिया। उन्होंने यह भी बताया कि रंगदारी देने वाले व्यवसायी और ठेकेदार पुलिस की मदद नहीं कर रहे हैं। ऐसे लोगों पर भी कार्रवाई की जाएगी।


