केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की अंबेडकर पर टिप्पणी के विरोध में कांग्रेस, बहुजन समाजवादी पार्टी (बसपा) और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने मुरैना में प्रदर्शन किया। सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने रैली निकालकर पुरानी कलेक्ट्रेट पर धरना दिया और राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। सबसे पहले कांग्रेस पार्टी ने अपना विरोध दर्ज कराया। जौरा विधायक पंकज उपाध्याय, शहर कांग्रेस अध्यक्ष दीपक शर्मा, ग्रामीण अध्यक्ष मधुराज तोमर और महासचिव जसवीर सिंह गुर्जर के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ता रैली निकलाते हुए पुराने कलेक्ट्रेट पहुंचे। एसडीएम भूपेंद्र सिंह कुशवाहा को ज्ञापन सौंपा। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि इस तरह की टिप्पणियां सामाजिक ताने-बाने को नुकसान पहुंचाने वाली हैं। देश के संविधान निर्माता का अपमान है। बहुजन समाजवादी पार्टी का प्रदर्शन
कांग्रेस के प्रदर्शन के बाद बसपा के पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी कलेक्ट्रेट पहुंचे। बसपा जिला अध्यक्ष के नेतृत्व में प्रदर्शन किया गया। बसपा नेताओं ने कहा, बाबा साहब के खिलाफ कोई भी अपमानजनक टिप्पणी न केवल बहुजन समाज के लिए बल्कि पूरे देश के लिए अपमानजनक है। उन्होंने राष्ट्रपति से मामले में हस्तक्षेप करने और अमित शाह के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी का विरोध
बसपा के बाद माकपा कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने रैली निकाली। कलेक्ट्रेट पहुंचकर उन्होंने भी विरोध दर्ज किया और ज्ञापन सौंपा। माकपा कार्यकर्ताओं ने कहा कि ऐसे बयान संविधान की मूल भावना और सामाजिक न्याय के खिलाफ हैं। कांग्रेस, बसपा, और माकपा कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति के नाम दिए ज्ञापन में कहा कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह तुरंत अपने बयान पर सार्वजनिक माफी मांगें। अपने पद से त्यागपत्र दें। भविष्य में संविधान निर्माता बाबा साहब के खिलाफ इस तरह की टिप्पणी करने वालों पर सख्त कार्रवाई हो। देश में सामाजिक सद्भाव बनाए रखने के लिए सरकार ठोस कदम उठाए। देखिए तस्वीरें….


