अनुदान राशि में 75 प्रतिशत की वृद्धि सहित मांगों को लेकर आंदोलन का लिया निर्णय

अरविंद कुमार सिंह ने शिक्षा मंत्री के इस अनुशंसा पत्र के आधार पर अगले वित्तीय वर्ष की अनुदान राशि को सीधे संस्थान के खाते में भिजवाने का भरोसा दिलाया। उन्होंने बैठक में आए विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के प्रतिनिधियों से अपने अपने संस्थान की जीबी का पुनर्गठन करा लेने की अपील की। बैठक में मोर्चा के केंद्रीय नेता अनिल तिवारी, दिनेश कुमार के साथ विभिन्न संस्थानों से सिद्धेश्वर सिंह, शिवपूजन तिवारी विद्या सिंह, अनुज श्रीवास्तव, मनोज मिश्र, एनके पाठक, रागिब अहमद, वरुण पांडेय, राजीव रंजन प्रताप देव, दिलीप गुप्ता, भीष्म नारायण सिंह, आशीष शुक्ला, प्रवीण कुमार, विनेश पाल सहित चार दर्जन से अधिक प्रतिनिधि शामिल थे। बैठक की अध्यक्षता टीडीएम इंटर कॉलेज के प्राचार्य धनंजय सिंह ने की जबकि धन्यवाद ज्ञापन मां नगीना शाही महिला महाविद्यालय की प्राचार्य लवली आनंद ने किया। भास्कर न्यूज|गढ़वा झारखंड राज्य वित्त रहित शिक्षा संयुक्त संघर्ष समिति की गढ़वा जिला इकाई की बैठक गढ़वा जिले के बंशीधर नगर स्थित टीडीएम इंटर कॉलेज में हुई। बैठक में वर्तमान अनुदान राशि में 75 प्रतिशत की बढ़ोतरी और वित्त रहित शिक्षा नीति समाप्त कर समान कार्य के लिए समान वेतनमान की हुंकार भरी गई। शिक्षकों ने इन मांगों के लिए निर्णायक आंदोलन का निर्णय लिया। इसके लिए विद्यालय और महाविद्यालय स्तर पर संगठन को मजबूती प्रदान करने और आंदोलन के लिए आर्थिक व्यवस्था सुदृढ़ करने पर बल दिया गया। बैठक में सर्वसम्मति से संस्थान स्तर पर पांच शिक्षक-कर्मचारियों की एक समिति गठन करने का निर्णय लिया गया। जिसमें अध्यक्ष, सचिव, कोषाध्यक्ष, जिला प्रतिनिधि और राज्य प्रतिनिधि का पद निर्धारित किया गया। बैठक में अतिथि के रूप में उपस्थित संघर्ष मोर्चा के केंद्रीय अध्यक्ष मंडल के सदस्य अरविंद कुमार सिंह ने कहा कि 75 प्रतिशत अनुदान वृद्धि की फाइल पर वित्त मंत्री की अनुशंसा करा ली गई है। इसके पूर्व वित्त मंत्रालय से इस फाइल को वापस कर दिया गया था। अब 75 प्रतिशत अनुदान वृद्धि का मार्ग प्रशस्त हो गया है। जल्द ही इसे कैबिनेट की बैठक में पास कर दिया जाएगा। इसके पूर्व विधि मंत्रालय से अनुशंसा कराना है, जिसमें किसी तरह का व्यवधान नहीं आएगा। उन्होंने झारखंड में वित्त रहित शिक्षा को समाप्त कर समान कार्य के लिए समान वेतन की मुख्यमंत्री की विधान सभा में घोषणा और इससे संबंधित सरकार द्वारा जारी निर्देश पत्र को शिक्षकों के समक्ष रखा। साथ ही कहा कि इस मांग को पुरजोर तरीके से सरकार के समक्ष रखा जाएगा। इस संबंध में सरकार के निर्णय को लागू करने का एक सूत्री मांग पर आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने अनुदान की राशि को सीधे शैक्षणिक संस्थान के खाता में भेजने के लिए सरकार पर दबाव बनाने की बात कही। उन्होंने इस संबंध में भूतपूर्व शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो की एक अनुशंसा पत्र भी दिखाया, जिसे विभाग में दबाकर रखा गया था।

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