सरगुजा में युक्तियुक्तकरण के तहत एक हजार से अधिक शिक्षक अतिशेष शिक्षकों की काउंसलिंग मंगलवार से शुरू हो गई है। शिक्षकों साझा मंच ने अतिशेष सूची में मनमानी का आरोप लगाकर हंगामा किया। डीईओ अशोक सिन्हा ने शिक्षकों को आश्वस्त किया कि सभी दावा आपत्ति का निराकरण कर लिया गया है। अतिरिक्त अतिशेष सूची भी जारी हो गई है। एक घंटे के हंगामे के बाद काउंसलिंग शुरू हो गई। सरगुजा जिले में एक हायर सेकेंडरी समेत 14 स्कूलों को बंद कर 227 स्कूलों का युक्तियुक्तकरण किया जा रहा है। अतिशेष सूची को लेकर सोमवार को बड़ी संख्या में दावा-आपत्ति जमा हुए थे। मंगलवार को प्राथमिक शालाओं के हेडमास्टर एवं सहायक शिक्षकों को काउंसलिंग के लिए मल्टीपरपज बुलाया गया था। काउंसलिंग के पूर्व रिक्त पदों की जानकारी भी चस्पा की गई थी एवं वॉट्सऐप ग्रुपों में भी रिक्त पदों की जानकारी दी गई। शिक्षकों का हंगामा, DEO ने दी समझाइश
अतिशेष शिक्षकों के निर्धारण में मनमानी का आरोप लगा शिक्षक साझा मंच ने काउंसलिंग का विरोध किया और जमकर नारेबाजी की। हंगामे को देखते हुए मल्टीपरपज स्कूल में पुलिस बल को तैनात किया गया था। डीईओ अशोक सिन्हा ने माइक पर शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि सभी की दावा आपत्तियों का निराकरण किया गया है। अतिरिक्त अतिशेष सूची जारी की गई है एवं जिनके दाव सही मिले, उनका नाम विलोपित किया गया है। यदि इसके बाद भी आपत्ति आएगी तो सुनवाई होगी। डीईओ के आश्वासन के बाद काउंसलिंग शुरू की गई। जिले में ही समायोजन, इसके बाद भी अतिशेष
सरगुजा जिले में प्रायमरी स्कूलों के शिक्षकों के रिक्त पद से अधिक शिक्षक अतिशेष हैं, क्योंकि प्राथमिक शालाओं का सेटअप ही घटा दिया गया है। इस कारण जिले में समायोजन के बाद भी अतिशेष शिक्षक बच जाएंगे। अतिशेष समायोजन के बाद तत्काल मौके पर ही सहायक शिक्षकों एवं प्रधान पाठकों को आदेश भी जारी कर दिया गया। इस आदेश के तहत शिक्षकों को नए स्कूलों में पदस्थापना देनी होगी। शासन प्रशासन की गलती, अब सजा भुगत रहे शिक्षक
सर्वजीत पाठक ने कहा कि, जिन स्कूलों में पद रिक्त नहीं थे, वहां ट्रांसफर से शिक्षकों की पदस्थापना की गई। नई नियुक्ति के तहत भर्ती शिक्षकों को रिक्त पदों में भेजने के बजाय पहले से भरे हुए स्कूलों में भेजा गया। जिनकी परिवीक्षा अवधि समाप्त नहीं हुई है, वहां वरिष्ठ शिक्षक अतिशेष हो गए हैं। वहीं जिन स्कूलों में राज्य शासन में नई भर्ती की पदस्थापना की है, उनकी परिवीक्षा अवधि पूर्ण नहीं होने के कारण पूर्व में पदस्थ शिक्षक अतिशेष कर दिए गए हैं। शिक्षकों ने बताया कि सूची में कई विसंगतियां हैं और वे इसे लेकर हाईकोर्ट भी जाएंगे। कोई व्यवस्था नहीं, परेशान रहे शिक्षक
अतिशेष काउंसलिंग के दौरान शिक्षकों के लिए कोई भी व्यवस्था नहीं की गई थी। शिक्षक पेड़ों के नीचे मजदूरों की तरह घंटों खड़े रहे। काउंसलिंग के लिए सूची में वरिष्ठता क्रम में बुलाया गया। बुधवार को मिडिल स्कूल व हाई व हायर सेकेंडरी स्कूल के अतिशेष शिक्षकों की काउंसलिंग की जाएगी।


