राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 10 जून को देवघर दौरे पर रहेंगी। वे एम्स के दीक्षांत समारोह में हिस्सा लेंगी और बाबा बैद्यनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगी। राष्ट्रपति बनने के बाद उन्होंने झारखंड का पहला दौरा भी बाबा बैद्यनाथ मंदिर से शुरू किया था। राज्यपाल रहते हुए चार बार मंदिर में पूजा की राष्ट्रपति मुर्मू का बाबा बैद्यनाथ मंदिर से विशेष लगाव है। झारखंड की राज्यपाल रहते हुए उन्होंने चार बार मंदिर में पूजा की। राष्ट्रपति बनने के बाद एक बार पूजा कर चुकी हैं। वे देश की चौथी राष्ट्रपति हैं, जो बाबा बैद्यनाथ मंदिर पहुंची हैं। इससे पहले डॉ. राजेंद्र प्रसाद, प्रणब मुखर्जी और रामनाथ कोविंद ने राष्ट्रपति के रूप में यहां पूजा की है। षोडशोपचार विधि से पूजा कराई जाती है राष्ट्रपति के पुरोहित श्यामसुंदर बाबा के अनुसार, उनकी शिव के प्रति अनन्य श्रद्धा है। संकल्प के समय उनका पूरा ध्यान शिव और संकल्प पर रहता है। मंदिर के मुख्य प्रबंधक रमेश परिहस्त ने बताया कि राष्ट्रपति के आगमन पर मंदिर को सजाया जाता है। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाते हैं। षोडशोपचार विधि से पूजा कराई जाती है। यहां मांगी गई हर मनोकामना पूरी होती है: पुरोहित मंदिर पुरोहित अजय परिहस्त के अनुसार, बाबा बैद्यनाथ को कामना लिंग कहा जाता है। यहां शिव और शक्ति दोनों विराजमान हैं। इसी कारण मंदिर का विशेष महत्व है। यहां मांगी गई हर मनोकामना पूरी होती है, इसलिए देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु बाबाधाम मंदिर आते हैं।


