बलरामपुर जिले में गौ-तस्करी का मामला सामने आया है। पुलिस ने दलालों, वाहन चालकों सहित कुल 7 आरोपियों को पकड़ा है। आरोपी ग्रामीण क्षेत्रों से बैल खरीदकर एक स्थान पर जमा कर रात के अंधेरे में झारखंड के बूचड़खानों में ले जाते थे। घटना 28 अप्रैल और 4 मई की है। दो पिकअप वाहनों को पुलिस ने गौ तस्करी करते हुए पकड़ा था। पुलिस ने कार्रवाई में 12 गाय-बैलों को मुक्त कराया था। पिकअप चालक अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए थे। मामले में पुलिस ने पशु क्रूरता और छत्तीसगढ़ कृषिक पशु परिरक्षण अधिनियम के तहत अपराध पंजीबद्ध किया था। आरोपियों में झारखंड और छत्तीसगढ़ के अपराधी शामिल हैं। झारखंड ले जाए जा रहे थे मवेशी पुलिस जांच में यह सामने आया कि सूरजपुर और बलरामपुर के पुलिस ने इस अंतरराज्यीय गिरोह के नेटवर्क में शामिल दलालों, खरीदारों और वाहन चालकों को चिन्हित कर साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने इस मामले में बोलेरो पिकअप (JH 19 D 0833),बोलेरो पिकअप (JH 03 AH 4235), टोयोटा ग्लेंजा (JH 01 FG 4436) जब्त किया है। अभियान चला की गई कार्रवाई बलरामपुर एसपी वैभव बैंकर के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने झारखंड राज्य के गढ़वा जिले के रंका थाना अंतर्गत ग्राम सोनपूर्वा में मुख्य आरोपी सहित तीन तस्करों को दबोचा। वहीं दो आरोपी बलरामपुर जिले के डबरा क्षेत्र और एक सूरजपुर जिले के प्रतापपुर क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। एक अन्य आरोपी को पहले ही 28 अप्रैल को घटना के समय गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। ये हुए गिरफ्तार 1. जितेन्द्र विश्वकर्मा (29), सोनपूर्वा, गढ़वा (झारखंड) 2. दिनेश प्रसाद गुप्ता(33), सोनपूर्वा, रंका, गढ़वा 3. रेयाज अंसारी (22), सोनपूर्वा, रंका, गढ़वा 4. प्रदीप गुप्ता (36), दुरती, प्रतापपुर, सूरजपुर 5. कलाम रंगसाज, कोदौरा, डवरा, बलरामपुर 6. कदम रसूल उर्फ बबलू अंसारी (35), कोदौरा, डवरा, बलरामपुर 7. समशेर आलम(25), खपरो, रंका, गढ़वा (पहले गिरफ्तार) थाना प्रभारी भापेन्द्र साहू ने बताया कि सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।


