सुपरवाइजर पर रिश्वत और सामग्री के दुरुपयोग का आरोप:कोंडागांव में दिव्यांग कर्मचारियों का मानदेय रुका; आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

कोंडागांव में आंगनबाड़ी केंद्रों की कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने सुपरवाइजर पर भ्रष्टाचार और मनमानी के आरोप लगाए गए हैं। कार्यकर्ताओं का कहना है कि फरसगांव-बड़ेडोंगर क्षेत्र की सुपरवाइजर रमा देवी पटेल सरकारी सामग्री का निजी इस्तेमाल करती हैं। रिश्वत के बिना कोई काम नहीं करतीं। कार्यकर्ताओं ने बताया कि प्लास्टिक टेबल की खरीदी में 10,000 रुपए का भुगतान दिखाया गया, लेकिन सामान केंद्र को नहीं मिला। एक केंद्र की बड़ी अलमारी को अपने घर ले गईं। दिव्यांग और बीमार कर्मचारियों के साथ भी अनुचित व्यवहार किया गया है। कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर जांच की मांग की है। दिव्यांग सहायिका मानदेय नहीं दिया आरोप यह भी है कि ऑपरेशन के बाद ट्रॉली से आने वाली कार्यकर्ता सती को चार महीने से मानदेय नहीं मिला। एक पैर से दिव्यांग सहायिका यशोदा बेन को भी मानदेय से वंचित रखा गया। सहायिका स्मृति साहू का मेडिकल अवकाश के बाद भी वेतन रोका गया। हेमवती ने आंख के ऑपरेशन के बाद भी मुंबई ट्रायल में काम किया, फिर भी दो महीने का भुगतान नहीं किया गया। जांच कर उचित कार्रवाई का मिला आश्वासन जिला आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिका संघ की अध्यक्ष पुष्पा राय ने चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि समाधान नहीं होने पर उग्र आंदोलन किया जाएगा। महिला एवं बाल विकास कार्यक्रम के जिला अधिकारी अश्वन बिस्वाल ने कहा कि शिकायत की जांच की जा रही है। दोषी पाए जाने पर सुपरवाइजर के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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