75 साल के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ, जब 17 महिला कैडेट्स 300 से भी ज्यादा पुरुषों के साथ एनडीए से ग्रेजुएट हुईं। ये सभी इंडियन आर्मी, नेवी और एयर फोर्स ज्वाइन करेंगी। इनमें छत्तीसगढ़ की उर्मी साहू भी शामिल हैं, जो गर्ल्स कैडेट्स में 11वें रैंक में रहीं। फर्स्ट अटैंप्ट में ही एनडीए का एग्जाम क्लियर करने वाली उर्मी अब इंडियन आर्मी ज्वॉइन करेंगी। सपना पूरा होने के बाद उर्मी ने भास्कर से अपना अनुभव साझा किया- डिस्टर्ब हुई तो पापा की बातों ने हौसला बढ़ाया, मां ने दी प्रेरणा… तब सपना सच मैंने 2020 में 12वीं पास करके जेईई दिया, जब रिजल्ट आया ताे मेरा रैंक सामान्य रहा। ऐसे में शहर के इंजीनियरिंग इंस्टीट्यूट में कम्प्यूटर साइंस में बीटेक करने एडमिशन लिया। साल 2021 में सुप्रीम कोर्ट ने महिलाओं को एनडीए में शामिल होने के लिए अनुमति दी। इसके बाद मुझे लगा कि आर्मी में अफसर बनने का मेरा सपना सच होने वाला है। मेरे पास चैलेंज था कि मुझे एक ही अटैंप्ट में एनडीए एग्जाम क्लियर करना था। क्योंकि एनडीए में शामिल होने वाले उम्मीदवारों की उम्र 16.5 से 19.5 वर्ष के बीच होनी चाहिए और मैं 19 साल की हो चुकी थी। एनडीए एग्जाम की तैयारी के किताबें, स्टडी मटेरियल डाउनलोड किया और घर से ही तैयारी शुरू की। टाइमर लगाकर मॉकटेस्ट देती और फिर खुद का आंकलन करती। जब रिजल्ट आया तो मेरा सलेक्शन हो चुका था। मैं 6 अगस्त 2022 को एनडीए में शामिल हुई। उस टाइम मैंने बीटेक फोर्थ सेमेस्टर का एग्जाम ही दिया था। 2022 में एनडीए ट्रेनिंग में शामिल होने के बाद 2023 में पापा दिगंबर सिंह साहू का एक्सीडेंट हो गया। इसमें उनकी मौत हो गई, उस टाइम सेकंड टर्म में थी। मैं डिस्टर्ब हुई, लेकिन पापा की बातों ने मेरा हौसला बढ़ाया। मां सुनीता साहू ने भी वापस जाकर ज्वॉइन करने की प्रेरणा दी। आज पैरेंट्स के मोटिवेशन के कारण अफसर बन पाई हूं। अब देश की सेवा करनी है। फिजिकल एक्टिविटी हर किसी के लिए जरूरी है, ये आपको हौसला देता है। इससे आप अनुशासन में रहना सीखते हैं और गोल पर फोकस कर पाते हैं। स्पोर्ट्स-पर्सन होने के कारण ट्रेनिंग सेंटर में जब हमारा पुशअप होता तो लोग कहते कि तुम लड़कों से आगे हो।


