एक कॉल से लुटेरों तक पहुंची पुलिस:CCTV से चेहरे पहचाने; लखनऊ बैंक लॉकर लूट में एनकाउंटर की इनसाइड स्टोरी

लखनऊ में इंडियन ओवरसीज बैंक की दीवार काटकर 7 बदमाश 42 लॉकर काटकर गहने चुरा ले गए थे। पिछले 24 घंटे में पुलिस 3 एनकाउंटर कर चुकी है। इनमें दो बदमाश मारे गए, 3 गिरफ्तार जबकि 2 फरार हैं। मास्टरमाइंड लखनऊ का रहने वाला विपिन वर्मा है। बाकी 6 बदमाश बिहार के थे। बदमाशों ने बैंक में चोरी का फूलप्रूफ प्लान बनाया। वारदात के लिए शनिवार रात चुनी। ताकि, सोमवार को जब तक बैंक खुले, तब तक सभी अपने ठिकाने पर पहुंच जाए। लेकिन, एक दिन पहले यानी रविवार को बैंक चोरी की सूचना पुलिस तक पहुंच गई। राजधानी में बैंक में हुई चोरी की बड़ी वारदात ने यूपी पुलिस के इकबाल पर सवाल खड़े कर दिए। 6 टीमें बनाई गईं। एक-एक टीम को अलग-अलग टास्क सौंपा गया। नतीजा यह हुआ कि बदमाश यूपी के बाहर तक नहीं निकल पाए। सबसे पहले CCTV की तस्वीरें- आखिर कैसे इस ब्लाइंड वारदात का पुलिस ने खुलासा किया- 1- 500 CCTV खंगाले, फुटेज में दिखे बदमाश
बैंक लूट की इतनी बड़ी वारदात के बाद यूपी पुलिस एक्टिव हुई। सबसे पहले शहीद पथ और आसपास लगे 500 CCTV खंगाले। इसमें चार संदिग्ध दिखाई दिए। इनमें से तीन हुडी पहने हुए थे। एक हेलमेट लगाकर फोन पर बात कर रहा था। पुलिस ने CCTV की टाइमिंग मैच कराई तो कुछ फुटेज में बदमाश बिना नकाब के दिखे। इसके बाद STF, क्राइम ब्रांच और पुलिस टीम ने बदमाशों की तलाश के लिए रविवार देर रात कई जगह दबिश दी। 2- बदमाश अरविंद की कॉल से फंसा गैंग
पुलिस ने वारदात के वक्त बैंक के पास जिन-जिन नंबरों पर कॉल किए गए थे। उसका एनालिसिस किया। जांच में बैंक के पास एक मोबाइल मिला। उससे कॉल किए गए नंबर के लोकेशन को ट्रेस किया। इसके बाद एक बदमाश अरविंद की पहचान हुई। वह CCTV में मोबाइल से बात करता दिखा। पुलिस की जांच में पता चला कि उसने ही वारदात के वक्त 3 नंबरों पर फोन किए थे। 3- लोकेशन ट्रेस कर आरोपियों तक पहुंची पुलिस
बदमाशों को पकड़ने के लिए पुलिस ने मुखबिर तंत्र को भी एक्टिव किया। इसी बीच सोमवार सुबह पुलिस को आरोपियों की लौलाई गांव में इंदिरा डैम के किनारे लोकेशन मिली। सोमवार सुबह इस केस में पहली मुठभेड़ हुई। इसमें अरविंद को गोली लगी। कैलाश और बलराम को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में अरविंद ने कबूला कि वही मोबाइल से बात कर रहा था। सूत्रों के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में अन्य आरोपियों के बारे में बताया। 4- पुलिस के जाल में फंसे बदमाश, बॉर्डर क्रॉस नहीं कर सके
आरोपियों से पूछताछ के बाद पुलिस अलर्ट हो गई। पुलिस को शक था कि आरोपी अंधेरे और कोहरे का फायदा उठाकर भागेंगे। पुलिस का शक सही निकला। रात साढ़े 12 बजे सोबिंद लखनऊ से निकलने की फिराक में कार से जा रहा था। लेकिन लौलाई पुल पर पुलिस से उसकी मुठभेड़ हो गई और वह मारा गया। वहीं, एक आरोपी सनी दयाल बिहार भागने की फिराक में गाजीपुर में मारा गया। मास्टरमाउंड लखनऊ का, उसने ही लूट का प्लान तैयार किया
सूत्रों के मुताबिक, आरोपियों ने पूछताछ में बताया- इस केस का मास्टरमाइंड लखनऊ का रहने वाला विपिन वर्मा है। उसकी जालंधर जेल में आरोपी कैलाश से मुलाकात हुई थी। उसने ही वारदात का प्लान बनाया। इसके बाद हम लोगों को पैसों का लालच देकर शामिल किया। 4 दिनों तक बैंक की रेकी की
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, बदमाशों ने 4 दिनों तक बैंक की रेकी की। इस दौरान बैंक में दाखिल होने का रास्ता तलाशा। आसपास कहां-कहां CCTV लगे हैं, इसका भी पता लगाया। 4 दिन रेकी के बाद शनिवार रात 12 बजे बदमाश दो बाइकों से बैंक पहुंचे। बाइकें खाली प्लॉट में खड़ी कीं। इसके बाद बैंक की दीवार काटकर अंदर घुस गए। बदमाश बैंक में करीब 4 घंटे तक रहे। 24 घंटे में तीसरी मुठभेड़, 2 बदमाश अभी फरार
बैंक लूट में 7 बदमाश शामिल थे। इनमें 6 बिहार के और एक लखनऊ का है। इस केस में 24 घंटे में 3 बार मुठभेड़ हुई। पहली मुठभेड़ सोमवार को हुई थी। पुलिस ने तीन बदमाश कैलाश, अरविंद और बलराम को एनकाउंटर में पकड़ा था। मुठभेड़ के दौरान एक के पैर में गोली मारी थी, जबकि कार सवार 4 बदमाश पुलिस को चकमा देकर फरार हो गए थे। इसमें सोबिंद-सन्नी दयाल भी थे। अभी 2 बदमाश, लखनऊ का विपिन वर्मा और बिहार का मिथुन फरार हैं। JCP लॉ एंड ऑर्डर अमित वर्मा ने बताया- दोनों बदमाशों की तलाश जारी है। दोनों पर 25-25 हजार का इनाम घोषित किया गया है। जेवर की पहचान पुलिस और ग्राहक दोनों के लिए चुनौती
बैंक चोरी मामले में 42 लॉकर तोड़े गए। जिसमें से दो ऑपरेट नहीं हो रहे थे। पुलिस से लेकर लॉकर मालिक (ग्राहक) तक को जेवर की पहचान करना और कराना चुनौती बन गया है। JCP लॉ एंड ऑर्डर का कहना है- लॉकर में रखे जेवरों का ब्योरा बैंक के पास नहीं होता है। इसलिए कितना सामान गया यह बताना मुश्किल है। वहीं लॉकर मालिक जो अपने माल का दावा करेगा, उसे प्रूफ करना होगा। इसके लिए जेवर की फोटो से लेकर उसकी रसीद तक दिखानी होगी। सबसे ज्यादा दिक्कत सोने के बिस्किट या प्रचलित डिजाइन के जेवर की होगी। जो लगभग एक जैसे होते हैं। बरामद माल की पहचान के लिए शिनाख्त कराई जाएगी। उसके बाद जेवर से जुड़े सबूत लिए जाएंगे। जिनके आधार पर कोर्ट में दावा पेश करना होगा। वहां कोर्ट जेवर देने का निर्णय लेगी। —————————————————— बैंक लूट से जुड़ी हुई ये खबर भी पढ़ें- बैंक लॉकर तोड़ने वाले 2 बदमाश एनकाउंटर में ढेर:एक लखनऊ दूसरा गाजीपुर में मारा गया; 42 लॉकर काट ले गए थे लखनऊ में इंडियन ओवरसीज बैंक के 42 लॉकर तोड़ने वाले दो बदमाश को पुलिस ने एनकाउंटर में ढेर कर दिया। पहला एनकाउंटर लखनऊ, जबकि दूसरा गाजीपुर में हुआ। मरने वाले दोनों बदमाश बिहार के रहने वाले थे। पढ़ें पूरी खबर…

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