कोंडागांव के एसएनके कालीबाड़ी में बंग समाज की ओर से सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन शुरू हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत कलश यात्रा से हुई। इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु हरिनाम संकीर्तन करते हुए शामिल हुए। मलकानगिरी से आए भागवताचार्य हरिदास ब्रजवासी का स्वागत किया गया। श्रद्धालुओं ने पारंपरिक बंगाली वेशभूषा में कलश यात्रा निकाली। हरिदास ब्रजवासी भी भक्तों के साथ हरिकीर्तन करते हुए कालीबाड़ी पहुंचे। कथा के पहले दिन हरिदास ब्रजवासी ने श्रीमद् भागवत महापुराण के शुरुआती प्रसंगों का वर्णन किया। उन्होंने वैश्य पूजा और गौ पूजा का महत्व समझाया। उन्होंने कहा कि वैश्य वर्ण समाज के आर्थिक और नैतिक आधार हैं। गौ पूजा के बारे में उन्होंने बताया कि गाय मात्र पशु नहीं, माता स्वरूप है। भागवत के अनुसार गौमाता में 33 करोड़ देवी-देवताओं का वास है। गौ पूजा से मनुष्य करुणा, दया और समर्पण सीखता है। कथा स्थल पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी रही। महिलाएं, पुरुष और युवा पारंपरिक परिधान में नजर आए। बंग समाज के पदाधिकारी और कार्यकर्ता आयोजन में सहयोग कर रहे हैं। आने वाले दिनों में कथा में कृष्ण जन्म, गोवर्धन लीला और रासलीला जैसे प्रसंग सुनाए जाएंगे।


