बठिंडा में किसानों की भूख हड़ताल खत्म:सीवरेज पाइपलाइन का काम रुका, जेल में बंद किसान होंगे रिहा; डल्लेवाल बोले-प्रशासन मुकरा तो आंदोलन करेंगे

बठिंडा में किसानों और प्रशासन के बीच लंबे समय से चल रहा विवाद गुरुवार को समाप्त हो गया। जिला प्रशासन ने घासोखाना गांव में सीवरेज पाइपलाइन का काम रोकने और जेल में बंद किसानों को रिहा करने का फैसला किया है। घासोखाना गांव के ग्रामीण पिछले कई दिनों से गांव से होकर सीवर पाइप बिछाने का विरोध कर रहे थे। भारतीय किसान यूनियन एकता सिद्धूपुर ने ग्रामीणों का समर्थन किया। इस दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारी ग्रामीणों और किसान नेताओं को हिरासत में ले लिया। करीब 150 किसान और किसान नेता जेल में बंद थे। छह किसान भूख हड़ताल पर बैठे किसानों की रिहाई के लिए छह किसान भूख हड़ताल पर बैठ गए। उन्हें बठिंडा के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया। आज डिप्टी कमिश्नर की अध्यक्षता में हुई बैठक में प्रशासन और किसान संगठनों के बीच समझौता हुआ। प्रशासन ने विवादित सीवरेज पाइपलाइन का काम रोकने और जेल में बंद किसानों को रिहा करने का आश्वासन दिया। जूस पिलाकर उनका उपवास तुड़वाया समझौते के बाद किसान नेताओं ने सिविल अस्पताल में भूख हड़ताल पर बैठे किसानों को जूस पिलाकर उनका उपवास तुड़वाया। किसान नेताओं ने चेतावनी दी है कि अगर प्रशासन अपने वादे से मुकरता है तो वे फिर से आंदोलन शुरू करेंगे। भारतीय किसान यूनियन एकता सिद्धिपुर के पंजाब प्रधान जगजीत सिंह डल्लेवाल पहुंचे जहां उन्होंने मीडिया से बातचीत करते कहा कि आज मसला हल हो गया है अगर फिर भी प्रशासन ने कोई धक्केशाही की तो हम फिर संघर्ष करेंगे।

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