भिलाई नगर निगम के तहत बन रहे प्रधानमंत्री आवास योजना के मकानों में गड़बड़ी की गई है। निर्माण एजेंसी मेसर्स चंद्र निर्माण प्राईवेट लिमिटेड ने 7 साल बात भी निर्माण कार्य पूरा नहीं किया है। जिसके चलते भिलाई निगम आयुक्त ने एजेंसी को ब्लैक लिस्ट कर दिया है। भिलाई नगर निगम के मुताबिक, आवास निर्माण एवं बाह्य विकास कार्य के लिए मेसर्स चंद्र निर्माण प्राइवेट लिमिटेड विला नबंर-22 मारुती लाइफ स्टाइल रायपुर को प्रधानमंत्री आवास निर्माण की निविदा 5 मई 2018 को दी गई थी। 18 महीने के अंदर निर्माण का काम पूरा करना था। निगम आयुक्त खुद निर्माण कार्य का जायजा लेने पहुंच गए। निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्माण भी गुणवत्ता युक्त नहीं पाया। साथ ही कार्यादेश जारी होने के 7 साल बाद भी कार्य अधूरा रहने वो काफी नाराज हुए। 2014 मकान बनाकर हैंडओवर करने थे निगम को निगम के मुताबिक, निविदा शर्त के तहत मेसर्स चंद्र निर्माण प्राइवेट लिमिटेड को 894 और 1120 यूनिट समेत कुल 2014 यूनिट (मकान) प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनाकर निगम को 18 महीने में हैंडओवर करना था। एजेंसी ने निविदा मिलने के बाद तीन महीने देरी से काम शुरू किया। उसने समय-समय पर बिल भुगतान भी लिया, लेकिन काम पूरा नहीं किया। 420 मकान अभी भी अधूरे इस निरीक्षण के दौरान निगम आयुक्त और निगम के अधिकारियों ने पाया कि, 420 मकानों में ग्रील, विंडो, दरवाजा, टाइल्स, बिजली, पानी, फिटिंग, पैनल, टैब कनेक्शन, किचन फिटिंग, सैनेटरी फिटिंग नहीं की गई है। इसके चलते मकान रहने के लायक नहीं है। निगम ने ठेकेदार को जारी किया 18 बार नोटिस निगम ने ठेकेदार पर समय पर काम पूरा करने के लिए दबाव भी बनाया। उसने ठेकेदार को 18 बार नोटिस जारी कर समय पर काम पूरा करने का निर्देश दिया, लेकिन उनसे नोटिस के बाद भी काम समय पर नहीं किया। उसने केवल 40 हितग्राहियों को मकान पूरा करके दिया है।


