बालोद|आञ्जनेय नंदन सर्व सिद्ध हनुमान मंदिर सेवा समिति बेलमांड ने महर्षि मुक्ताश्रम में श्रीमद् भगवद गीता रजत जयंती उत्सव मनाया। साधकों ने आद्योपांत अट्ठारह अध्याय गीता पारायण की। मानस कोकिला गिरिजा देवी शर्मा का गीता प्रवचन हुआ। प्रवचन में कहा कि यह कृष्णम वंदे जगदगुरु की वाणी है। जीवन ही परमात्मा है उससे भिन्न कुछ भी नहीं, इस तत्व का बोध गीता माता कराती है। भगवान कृष्ण अपने सखा, शिष्य, अर्जुन को माध्यम बना कर निराशा में डूबे हुए मानव मात्र को पुरुषार्थ जागकर तत्व का बोध करा देती है। रामबालक दास ने प्रवचन में सनातन धर्म की सार्वभौमिकता और श्रीमद् भगवद गीता माता के उपदेशों को आत्मसात कर कैसे जीवन जीना है, इस पर मार्गदर्शन देते हुए कहा कि यह कल्याण पथ गामिनी है। यह निराशा में डूबे प्राणी के भीतर पुरुषार्थ जगाती है। कौशल्या मंदिर निर्माण की जानकारी भी संत ने दी। पुरुषोत्तम सिंह राजपूत का सहयोग रहा।


