भास्कर न्यूज | जालंधर उच्च शिक्षा संस्थानों और पॉलिटेक्निक के उत्कृष्ट शिक्षकों को सम्मानित करने के लिए शिक्षा मंत्रालय ने राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2025 की घोषणा की है। यह पुरस्कार उन शिक्षकों को दिया जाएगा, जिन्होंने पढ़ाई, शोध, नवाचार और समाजसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है। यूजीसी ने इसके लिए सभी शैक्षणिक संस्थानों को पत्र जारी कर इसके लिए आवेदन करने के लिए कहा है। यूजीसी ने ओर से इसके लिए जारी पत्र में कहा गया है कि इस अवॉर्ड के लिए इच्छुक शिक्षक 9 जुलाई 2025 तक राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल www.awards.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। चयनित शिक्षकों को 5 सितंबर 2025 को नई दिल्ली में राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित किया जाएगा। इस पुरस्कार के तहत कुल 35 शिक्षकों को चुना जाएगा। इसमें 25 पुरस्कार उच्च शिक्षा संस्थानों के शिक्षकों को और 10 पुरस्कार पॉलिटेक्निक संस्थानों के शिक्षकों को दिए जाएंगे। पुरस्कार में एक मेडल, प्रमाणपत्र और 50,000 रुपए की नकद राशि दी जाएगी। उम्मीदवार की उम्र 55 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए। साथ ही, कम से कम पांच साल का पूर्णकालिक शिक्षण अनुभव होना जरूरी है। कुलपति, निदेशक या प्राचार्य पद पर कार्यरत व्यक्ति आवेदन के पात्र नहीं होंगे। हालांकि, पूर्व में इन पदों पर रह चुके व्यक्ति, यदि 55 वर्ष से कम उम्र के हैं और सेवा में हैं, तो आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए आवेदन स्वयं या किसी सहकर्मी, पूर्व कुलपति, निदेशक या प्राचार्य द्वारा किया जा सकता है। चयन दो चरणों में होगा। पहले चरण में विशेषज्ञों की स्क्रीनिंग कमेटी आवेदनों की जांच करेगी। इसके बाद जूरी पैनल शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों से ऑनलाइन बातचीत कर अंतिम चयन करेगा। शिक्षकों के मूल्यांकन में पढ़ाई की गुणवत्ता, नवाचार, छात्रों की मेंटरिंग, समाजसेवा, शोध, स्टार्टअप्स, डिजिटल संसाधनों का विकास, पर्यावरण जागरूकता, लैंगिक समानता और राष्ट्रीय भावना जैसे बिंदुओं को प्रमुखता दी जाएगी। शिक्षकों को अपने कार्यों का विवरण अधिकतम 800 शब्दों में देना होगा। साथ ही, 2-3 मिनट का वीडियो भी यू ट्यूब पर अपलोड कर लिंक देना होगा। सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों से अनुरोध किया गया है कि वे अपने योग्य शिक्षकों को इस पुरस्कार के लिए नामांकन हेतु प्रेरित करें और आवश्यक सहयोग दें


