पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी की 100वीं जयंती पर पीएम नरेंद्र मोदी बुधवार को खजुराहो में अटल सागर बांध (दौधन डैम) का भूमिपूजन करेंगे। केन-बेतवा लिंक राष्ट्रीय परियोजना के तहत इस बांध की आधारशिला रखी जाएगी। करीब 4 हजार करोड़ (3999.6 करोड़) की लागत से 8 साल में यह विशाल बांध बनकर तैयार होगा। करीब 2900 एमसीएम जल भंडारण क्षमता के इस बांध से 221 किमी लंबी केन-बेतवा लिंक नहर निकलेगी, जो सूखा प्रभावित बुंदेलखंड में पेयजल, सिंचाई व औद्योगिक जलापूर्ति करेगी। यदि पतने-ब्यारमा सिंचाई परियोजनाएं केन-बेतवा लिंक प्रोजेक्ट में शामिल कर ली जाती हैं तो पूरी परियोजना की लागत 50 हजार करोड़ तक पहुंच सकती है। मौजूदा परियोजना की कुल लागत 44 हजार 600 करोड़ रुपए है। पतने परियोजना में पन्ना की पतने नदी पर एक बांध और ब्यारमा परियोजना में ब्यामरा नदी पर दो बैराज और एक रिजर्ववायर बनाया जाना है। यह देश की पहली बड़ी सिंचाई परियोजना है, जिसमें ओपन कैनाल के बजाए भूमिगत प्रेशराइज्ड पाइप सिंचाई सिस्टम इस्तेमाल किया जाएगा। इसलिए ‘बड़ा’ दिन
1 अटलजी की स्मृति में एक स्टाम्प और सिक्का जारी करेंगे।
2 मप्र में 1153 पंचायतों में अटल ग्राम सुशासन भवनों के निर्माण के लिए भूमिपूजन करेंगे।
3 ओंकारेश्वर बांध में देश की पहली फ्लोटिंग सोलर परियोजना का लोकार्पण होगा। मप्र- 10 जिले,44 लाख आबादी, यूपी-4 जिले, 21 लाख आबादी को लाभ मप्र : छतरपुर, पन्ना, टीकमगढ़, निवाड़ी, दमोह, शिवपुरी, दतिया, रायसेन, विदिशा और सागर में पहुंचेगी। इन पाइप्ड नहरों से सभी 10 जिलों में 8.11 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि सिंचित होगी। 44 लाख किसान परिवारों को इससे सीधा लाभ होगा। मप्र की 44 लाख आबादी को पेयजल भी मिलेगा। उप्र : 4 जिलों झांसी, ललितपुर, महोबा और बांदा की 59 हजार हेक्टेयर सूखी जमीन सिंचित भूमि में बदल जाएगी। 1.92 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में मौजूदा सिंचाई का स्थिरीकरण होने से कम बारिश होने पर सूखे की अनिश्चितता हमेशा के लिए खत्म होगी। यूपी की 21 लाख आबादी को पेयजल मिलेगा। सबसे जरूरी : इसी प्रोजेक्ट का हिस्सा बन सकती हैं पतने-ब्यारमा
पन्ना में पतने व दमोह की ब्यामरा सिंचाई परियोजनाएं केन-बेतवा लिंक प्रोजेक्ट में शामिल हो सकती हैं। केंद्रीय जल आयोग ने दोनों प्रस्तावों की स्क्रूटनी में लिया है। यदि आयोग सहमत हुआ तो ये प्रोजेक्ट में शामिल होंगे। क्योंकि यूपी ने सहमति दे दी है। दोनों परियोजना की लागत 4.5 हजार करोड़ है।


