केंद्र सरकार द्वारा 55 करोड़ रुपए की स्वीकृति मिलने के बावजूद भोपाल में प्रस्तावित रीजनल रेस्पिरेटरी इंस्टीट्यूट के निर्माण का काम अभी तक शुरू नहीं हो सका है। 27 मई 2022 को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने भूमि पूजन किया था। इसको लेकर असमंजस की स्थिति है कि यह इंस्टीट्यूट गांधी मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) कैंपस में बनेगा या फिर ईदगाह हिल्स पर। केंद्र ने इस परियोजना की शेष राशि के उपयोग को लेकर प्रदेश सरकार से यूटिलाइजेशन सर्टिफिकेट की मांग की है। यह रिमाइंडर इसी सप्ताह भेजा गया है। इसमें 30 दिन के अंदर सरकार से जवाब मांगा गया है कि वह बची हुई राशि का उपयोग किस तरह कर रही है, ताकि इसके खर्च की सही स्थिति का पता चल सके। मामले में जीएमसी की डीन डॉ. कविता एन सिंह का कहना है कि जीएमसी की कार्यकारिणी का कोई अध्यक्ष नहीं है, इस संबंध में निर्णय कार्यकारिणी को लेना है।


