डिफेंस-एयरोस्पेस में रिसर्च व डेवलपमेंट को बढ़ावा देने ‌‌3 करोड़ रुपए का अनुदान देगी सरकार

राज्य की नई औद्योगिक नीति में कई महत्वपूर्ण संशोधन किए गए हैं। राज्य सरकार डिफेंस एवं एयरोस्पेस सेक्टर में नए उद्योग लगाने और पुराने उद्योगों के विस्तार पर अनुदान देगी। डिफेंस और एयरोस्पेस में रिसर्च एवं डेवलपमेंट को बढ़ावा देने के लिए सरकार 3 करोड़ रुपए तक का अनुदान देगी। इसके अलावा इसके लिए खरीदी गई और लीज पर ली गई भूमि एवं भवन पर स्टाम्प शुल्क में पूर्ण छूट और स्थाई पूंजी निवेश की राशि के 100 प्रतिशत तक औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन दिया जाएगा। संयंत्र में 50 से 500 करोड़ रुपए तक की पूंजी निवेश पर 60 से 300 करोड़ रुपए तक अनुदान मिलेगा। सरकार यह अनुदान 6 साल तक समान वार्षिक किस्तों में देगी। इसके अलावा सरकार ड्रोन टेक्नोलॉजी, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, रिमोट सेंसिंग इत्यादि क्षेत्रों में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना पर दूसरे अन्य छूट के साथ 50 प्रतिशत स्थाई पूंजी अनुदान देगी। उद्योग नीति 2024-30 में हुए कई संशोधन, कई नए प्रस्ताव जोड़े गए निजी क्षेत्र में भी खुल सकेगा फ्लेटेड फैक्ट्री, 30 करोड़ रुपए तक सहायता
राज्य में निजी क्षेत्र में भी प्लग एवं पले इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने पर सरकार का जोर है। राज्य में फ्लेटेड फैक्ट्री की स्थापना पर सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर कॉस्ट का 30% यानी अधिकतम 30 करोड़ रुपए की मदद देगी। सार्वजनिक अपशिष्ट जल प्रबंधन या सीवरेज जल प्रबंधन संयंत्र की स्थापना पर लागत का 50% यानी अधिकतम 5 करोड़ रुपए अनुदान देगी। इसके अलावा स्टाम्प शुल्क में पूर्ण छूट और भूमि के पंजीयन शुल्क में 50% तक प्रतिपूर्ति और डायवर्सन शुल्क में शत प्रतिशत छूट मिलेगा। ड्रोन के परीक्षण व ट्रेनिंग सेंटर पर मदद
कृषि और रक्षा क्षेत्र में ड्रोन के बढ़ते उपयोग को देखते हुए राज्य सरकार ने ड्रोन की टेस्टिंग और ट्रेनिंग सेंटर पर खर्च का 20 फीसदी अनुदान देने का निर्णय लिया है। ड्रोन पायलट के प्रशिक्षण के लिए खुलने वाले इस सेंटर पर सरकार अधिकतम 50 लाख रुपए का ग्रांट देगी।
कंपनियों को हर श्रमिक के रोजगार के बदले 5-6 हजार का मिलेगा अनुदान
राज्य सरकार टेक्सटाईल्स उद्योग के जरिए राज्य में रोजगार के अवसर तलाश रही है। यही वजह है नई औद्योगिक नीति में संशोधन कर वेतन अनुदान देने का प्रावधान किया गया है। इसके तहत कंपनियों को हर श्रमिक के रोजगार के बदले 5-6 हजार रुपए तक का अनुदान देने का निर्णय लिया गया है। दरअसल, राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ के श्रमिकों को रोजगार देने पर 20% वेतन प्रतिपूर्ति अनुदान की घोषणा की है। लेकिन टेक्सटाईल्स उद्योग में श्रमिकों का वेतन औसतन 15 से 20 हजार तक होता है। जिसमें 20% के आधार पर अनुदान कम बनेगा। इसलिए 5000 और 6000 रुपए के अनुदान का प्रावधान किया गया है। निवेश पर मंत्रिमंडलीय उप समिति लेगी निर्णय
इसके अलावा सरकार एक और महत्वपूर्ण नीति लेकर आई है। इसमें एक हजार करोड़ के निवेश या 1 हजार लोगों को रोजगार देने पर विशेष अनुदान देने का प्रावधान है। हालांकि, विशेष अनुदान की राशि का निर्णय मंत्रिमंडलीय उप समिति करेगी। जिन 1 हजार लोगों को रोजगार दिया जाएगा, उसमें कंपनी में 100% अकुशल, 70% कुशल और 40% प्रबंधन स्टाफ छत्तीसगढ़ का होना चाहिए।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *